swami shailendra saraswati
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आधुनिक जीवन में प्राचीन विद्या का नया नजरिया

दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बीमारियां आम हो गई हैं। ऐसे में ओशो के शिष्य स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती ने हाल ही में एक सत्संग के दौरान साधकों के उन सवालों के जवाब दिए जो हमारे शारीरिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि पुराने समय में साधक सिर पर कपड़ा क्यों बांधते थे? या फिर बिना दूध-दही के हड्डियों को फौलाद जैसा कैसे बनाया जा सकता है?

यह लेख केवल एक धार्मिक उपदेश नहीं है, बल्कि यह शरीर विज्ञान (Physiology) और मनोविज्ञान (Psychology) का एक अनूठा संगम है। इसमें हम जानेंगे कि कैसे कैल्शियम की कमी को दूर किया जाए, क्यों ध्यान के दौरान सिर ढकना आपकी ऊर्जा को बचा सकता है और कैसे हिप्नोसिस (सम्मोहन) के जरिए आप अपने करियर में सफलता के शिखर तक पहुंच सकते हैं। स्वामी जी ने ‘असली त्रिमूर्ति’ यानी थेरेपी, हिप्नोसिस और मेडिटेशन के समन्वय पर जो प्रकाश डाला है, वह वर्तमान समय में मानसिक शांति का सबसे सटीक फार्मूला है।

हड्डियों की कमजोरी (Osteoporosis) और कैल्शियम के विकल्प

आजकल की जीवनशैली में ऑस्टियोपोरोसिस एक बड़ी समस्या बन गई है। स्वामी जी बताते हैं कि यदि आप दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन नहीं करना चाहते, तो घबराने की जरूरत नहीं है।

  • सप्लीमेंट्स का महत्व: स्वामी जी के अनुसार, भोजन से पर्याप्त कैल्शियम मिलना कभी-कभी मुश्किल होता है। इसलिए, विटामिन-D के साथ कम से कम 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की टेबलेट लेना अधिक प्रभावी हो सकता है।
  • साल्ट का चुनाव: कैल्शियम कार्बोनेट और कैल्शियम मेलिएट जैसे अलग-अलग साल्ट्स वाले ब्रांड्स का उपयोग करें, क्योंकि हर शरीर की पाचन शक्ति अलग होती है।
  • प्राकृतिक स्रोत: इंटरनेट पर उपलब्ध कैल्शियम समृद्ध खाद्य पदार्थों (जैसे तिल, रागी, और हरी पत्तेदार सब्जियां) की सूची का पालन करें।

क्या ध्यान में सिर ढकना अनिवार्य है? जानिए विज्ञान

ध्यान के दौरान अक्सर लोग पूछते हैं कि ध्यान में सिर ढकना क्यों जरूरी है? स्वामी जी स्पष्ट करते हैं कि यह अनिवार्य (Mandatory) तो नहीं है, लेकिन अत्यंत सहयोगी (Supportive) है।

ऊर्जा का उर्ध्वगमन और सहस्त्रार चक्र

जब हम गहरा ध्यान करते हैं, तो हमारे शरीर की ऊर्जा ऊपर की ओर उठती है और आज्ञा चक्र तथा सहस्त्रार पर पहुंचती है। यदि सिर खुला हो, तो यह ऊर्जा आकाश में विसर्जित हो सकती है।

  • नॉन-कंडक्टर का जादू: सिर पर पटका या टोपी (जो नॉन-कंडक्टर हो) बांधने से ऊर्जा शरीर के भीतर ही स्थिर रहती है।
  • ओशो की परंपरा: 1970 के दशक में ओशो ने सन्यासियों के लिए गेरुआ वस्त्र और सिर पर पटका अनिवार्य किया था ताकि ऊर्जा का संचय हो सके।

सम्मोहन (Hypnosis) से पहचानें अपना हिडन टैलेंट

स्वामी जी ने करियर और सफलता के लिए एक अद्भुत प्रयोग बताया है। उनका मानना है कि नकल करने से सफलता मिल भी जाए, तो संतोष नहीं मिलता। अपना हिडन टैलेंट पहचानने के लिए हिप्नोसिस का सहारा लें।

नींद और जागरण के बीच का जादुई समय

  • रात को सोते समय: जब आप अर्ध-नींद में हों, तो सकारात्मक सुझाव (Affirmations) दें। इस समय अवचेतन मन सक्रिय होता है।
  • सुबह उठते ही: आंख खोलने से पहले 5 मिनट अपने लक्ष्य को दोहराएं।
  • विधि: एक छोटा, सकारात्मक वाक्य बनाएं और उसे दोहराते हुए सो जाएं। आप अपनी आवाज रिकॉर्ड करके भी सुन सकते हैं।

ओशो की असली त्रिमूर्ति: थेरेपी, हिप्नोसिस और मेडिटेशन

स्वामी जी कहते हैं कि केवल ध्यान काफी नहीं है। मन का कूड़ा निकालने के लिए ‘थेरेपी’ (जैसे सक्रिय ध्यान) जरूरी है, सकारात्मकता के लिए ‘हिप्नोसिस’ और अंत में परम शांति के लिए ‘मेडिटेशन’ आवश्यक है। यह संगम ही मनुष्य के भीतर आमूलचूल परिवर्तन ला सकता है।

स्वामी शैलेन्द्र सरस्वती की ये बातें हमें सिखाती हैं कि ध्यान में सिर ढकना या जमीन से कुचालक (Insulator) गद्दी पर बैठना कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि ऊर्जा विज्ञान है। चाहे वह हड्डियों की मजबूती हो या करियर की सफलता, सही जानकारी और निरंतर अभ्यास ही कुंजी है। ओशो के सिद्धांतों को आधुनिक संदर्भ में अपनाकर हम न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक ऊंचाइयों को भी छू सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q- क्या बिना दूध के कैल्शियम की कमी पूरी की जा सकती है?

A-हां, स्वामी जी के अनुसार कैल्शियम सप्लीमेंट्स (1000mg) और अन्य प्राकृतिक स्रोतों जैसे तिल, सोया और रागी से इसकी पूर्ति संभव है।

Q- ध्यान के समय किस तरह का कपड़ा सिर पर बांधना चाहिए?

A-सूती या रेशमी कपड़ा (नॉन-कंडक्टर) सबसे अच्छा होता है, जो ऊर्जा को शरीर से बाहर जाने से रोकता है।

Q- क्या हिप्नोसिस से करियर बदला जा सकता है?

A-हिप्नोसिस से आप अपने अवचेतन मन में छिपी रुचियों (Hidden Talents) को पहचान सकते हैं, जिससे सही करियर चुनने में मदद मिलती है।

Q- डायनेमिक मेडिटेशन (सक्रिय ध्यान) क्यों जरूरी है?

A-यह मन के भीतर दबे ‘पागलपन’ और तनाव को बाहर निकालने (Catharsis) की एक शक्तिशाली विधि है।

Q- हिप्नोसिस के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?

A-रात को सोने से ठीक पहले और सुबह नींद खुलने के तुरंत बाद का समय सबसे प्रभावी होता है।

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