वाधवानी और गेट्स फाउंडेशन ने मिलाया हाथ, भारत में बढ़ाएंगे इनोवेशन की ताकत
वाधवानी और गेट्स फाउंडेशन ने मिलाया हाथ, भारत में बढ़ाएंगे इनोवेशन की ताकत

साझेदारी का मकसद स्वास्थ्य, पोषण, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों की रिसर्च को वास्तविक उपयोग तक पहुंचाना है

गेट्स फाउंडेशन अगले पांच वर्षों में वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क के पांच सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को समर्थन देगा, दो सेंटर इसी साल शुरू होंगे

नई दिल्ली, 20 मई।


भारत में रिसर्च और इनोवेशन को नई गति देने के उद्देश्य से वाधवानी फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। दोनों संस्थाओं ने नेशनल इनोवेशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह नेटवर्क वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित रूप होगा।

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण, बायोटेक्नोलॉजी, जीनोमिक्स, मेडटेक और अन्य उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रयोगशाला से निकालकर वास्तविक उपयोग तक पहुंचाना है। इसके तहत ऐसे नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा जिनका सीधा सामाजिक प्रभाव हो और जो भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हों।

समझौते के अनुसार गेट्स फाउंडेशन अगले पांच वर्षों में के नेशनल इनोवेशन नेटवर्क पांच सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को समर्थन देगा। इनमें से दो केंद्रों को इसी वर्ष शुरू किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से शोधकर्ताओं को प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण, पायलट प्रोजेक्ट, बौद्धिक संपदा सहायता, स्टार्टअप निर्माण और उद्योग साझेदारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि शोध को बाजार और समाज तक पहुंचाया जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2025 को वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत और निवेश साझेदारों को एक मंच पर लाकर रिसर्च टू मार्केटप्रक्रिया को तेज करना है। अब नेशनल इनोवेशन नेटवर्क इसी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देगा।

वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क की शुरुआत के बाद से अब तक हेल्थटेक, मेडटेक, बायोटेक्नोलॉजी और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में 50 से अधिक संभावनाशील परियोजनाओं को समर्थन दिया जा चुका है। इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी कानपुर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, भारतीय विज्ञान संस्थान और सी-कैंप जैसे प्रमुख संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं।

वाधवानी फाउंडेशन के सीईओ एवं बोर्ड सदस्य डॉ. अजय केला ने कहा कि हमारे इनोवेशन नेटवर्क ने यह साबित किया है कि जब शोधकर्ता, संस्थान, उद्योग और पूंजी एक साझा लक्ष्य के साथ जुड़ते हैं, तो भारत की नवाचार क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क के माध्यम से देशभर में इनोवेशन को लोकतांत्रिक बनाया जाएगा और भारत को वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। वहीं, गेट्स फाउंडेशन इंडिया कंट्री ऑफिस की निदेशक अर्चना व्यास ने कहा कि आने वाले दशक के कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और पोषण संबंधी नवाचार भारतीय संस्थानों से निकलेंगे। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारतीय शोधकर्ताओं और उद्यमियों को उनके वैज्ञानिक विचारों को सस्ती और बड़े स्तर पर उपयोगी तकनीकों में बदलने में मदद करेगी, जिससे भारत और ग्लोबल साउथ को लाभ मिलेगा।

नेशनल इनोवेशन नेटवर्क का लक्ष्य अगले तीन से पांच वर्षों में देशभर में 250 से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना है। इन केंद्रों के जरिए हर साल हजारों नए विचारों को प्रयोगशाला से बाजार और समाज तक पहुंचाने की योजना है। माना जा रहा है कि यह पहल भारत में नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ लाखों रोजगार और आजीविका के अवसर भी पैदा करेगी।

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