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सौरभ दास बोले— ‘अब जो होगा देखा जाएगा!‘

देश की राजधानी में शु्क्रवार को जो हुआ उससे राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा आम हो गई है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं? जंतर-मंतर पर हुए हाई-वोल्टेज हंगामे और विवादित प्रदर्शन के मामले में शुक्रवार को जब CJP के प्रमुख चेहरे मंदिर मार्ग थाने पहुँचे, तो वहाँ का माहौल पूरी तरह गर्मा गया।

पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे जब दिल्ली पुलिस की CJP leaders Delhi Police Crime Branch के सामने पेश होने के लिए अंदर जा रहे थे, तो मीडिया के तीखे सवालों पर सौरभ दास ने जो कहा, उसने सनसनी फैला दी। उन्होंने तंज कसते हुए सिर्फ इतना कहा— “हम लोग अपना पक्ष रखेंगे.. बाकी देखते हैं जो होता है!” उनके इस बेपरवाह अंदाज ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या हलफनामे के बाद भी फंसे रहेंगे नेता?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये तीनों नेता विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की कोर्ट में पेशी के सिलसिले में थाने पहुँचे थे। इससे ठीक दो दिन पहले ही SEM कोर्ट ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को इस शर्त पर राहत दी थी कि वे भविष्य में शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना स्थल घोषित नहीं किया जाता, वहाँ प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई आज (शुक्रवार) दोपहर 3 बजे तय की थी, जिसके बाद सरगर्मी और तेज हो गई है।

13 अक्टूबर की वो रात, और अब क्राइम ब्रांच का शिकंजा

मामले की जड़ें 13 अक्टूबर के उस विवादित दिन से जुड़ी हैं, जब जंतर-मंतर पर अचानक हंगामा खड़ा हो गया था। आरोप है कि इन नेताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए एक निजी संपत्ति में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया और सरकारी काम-काज में भारी बाधा डाली। इसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। हालाँकि, कोर्ट से सशर्त रिहाई मिलने के बाद अब क्राइम ब्रांच की पैनी नजर इन पर टिकी हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान कई ऐसे नए खुलासे हो सकते हैं जो इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे सकते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस की इस पूछताछ के बाद CJP के इन नेताओं की मुश्किलें कम होती हैं या यह विवाद और तूल पकड़ता है।

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