सर्द मौसम और ठंडी हवाओं के साथ ग्रिल काकोरी कबाब (Kakori Kebab Delhi) खाने को मिल जाए तो मजा ही आ जाए। वहीं, जब यह कबाब “आप की खातिर‘ (Aap Ki Khatir) की हों, तो उसका फिर कोई जवाब ही नहीं। नॉनवेज शौकीनों के लिए दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस (connaught place) के मिडिल सर्किल स्थित यह रेस्टोरेंट डिनर के लिए सबसे बढ़िया स्थान है। कनॉट प्लेस शॉपिंग के लिए तो हजारों लोग रोजाना आते ही हैं अगर यहां घूमते हुए आपको भूख लग जाए और रात का समय हो तो सर्द व ठंडी हवाओं के बीच जुबैर (पप्पू) के हाथों के काकोरी कबाब आपके लिए खूब लाजवाब रहेंगे। यह कबाब मुंह में रखते ही घुल जाती है। मटन के कीमे से बनी यह डिश आपको एक तो इंडियन स्वाद देती है वहीं, इसमें लखनऊ के खाने का आनंद भी मिलता है।

25 वर्षों से जुबैर परोस रहे काकोरी कबाब

जुबैर अहमद ने बताया कि वह 25 वर्षों से कबाब बना रहे हैं उन्होंने मुगलई खाना बनाना अपने लखनऊ के उस्ताद मोहम्मद वकील व नाना ने सीखा था। उन्होंने निजामुद्दीन मुख्य सड़क के पास अपने उस्ताद के साथ ही काकोरी कबाब बनाने का काम शुरू किया था। करीब छह महीने पहले ही जुबैर ने कनॉट प्लेस में अपान काम शुरू किया है। उनके हाथ का कबाब खाने दिल्ली के अलावा एनसीआर के क्षेत्रों से भी लोग आते हैं। नॉन वेज खाने वालों को अब उनके हाथों का स्वाद निजामुद्दीन से यहां भी खींच लाया है। उनके पुराने ग्राहक भी यहां ग्रिल्ड कोकारी कबाब खाने आते हैं। यहां काकोरी कबाब के अलावा गलोटी कबाब, चिकन मलाई टिक्का, शाही पराठे व मुगलई खाने का ऐसा स्वाद मिलेगा जिसके लिए आप बार-बार यहां खीचे चले आएंगे। वहीं, विकल्प में कुछ वेज डिश भी हैं। जुबैर अहमद के भाई मोहम्मद इमरान व बेटे मंसूर भी अब उनके काम में हाथ बंटाते हैं। best kakori kebab in delhi


मुंह में जाते ही घुल जाता है कबाब

मोहम्मद इमरान ने बताया कि काकोरी कबाब बनाने के लिए वह 15 से 20 मसालों का इस्तेमाल करते हैं जिनमें लाल मिर्च, जीरा पाउडर, काली मिर्च पाउडर के अलावा कुछ साबुत मसालों का भी इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें ड्राई फ्रूट और देसी घीस भी मिलाए जाते हैं। इसके बाद इसे ग्रिल किया जाता है। यहां ग्राहक को मेहमान समान इज्जद दी जाती है इसलिए इस रेस्तरां का नाम भी आप की खातिर रखा गया है। यहां आने वाले ग्राहकों को काकोरी कबाब चाट मसाला, नींबू के छिलके और प्याज के छल्लों के साथ परोसा जाता है। जो देखने में भी आकर्षक लगता है।

इस तरह हुई काकोरी कबाब बनाने की शुरूआत

जुबैर ने बताया कि लखनऊ में एक जगह है काकोरी, जहां से काकोरी कबाब बनाने की शुरुआत हुई, इसे बनाने के पीछे एक कारण था। वहां के नवाब हुआ करते थे जिनके दांत नहीं थे, उनका मीट खाने का बहुत मन हुआ करता था लेकिन दांत न होने के कारण वह खा नहीं पाते थे। उन्होंने अपने खानसामे से कहा कि कोई ऐसी डिश तैयार करो जिसे मैं खा सकूं तो उनके लिए काकोरी कबाब तैयार किया गया जो मुंह में रखते ही घुल जाता है।


स्वादिष्ट शाही पराठा, गलोटी कबाब, चिकन मलाई टिक्का व सुरमई फिश भी है खास

यहां स्वादिष्ट शाही पराठा भी परोसा जाता है जिसे लोग खूब पसंद करते हैं। पराठा दूध, चीनी, अंडे व इलायची मिलाकर बनाया जाता है। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि इसे बटर चिकन या किसी भी दाल के साथ खाया जाए तो स्वाद दोगुना बढ़ जाता है। इसके अलावा इसे चिकन काठी व कोरमा के साथ भी परोसा जाता है।

यहां का गलोटी कबाब भी बहुत स्वादिष्ट है जो काकोकी कबाब की तरह की बनाया जाता है लेकिन इसे काकोरी कबाब की तरह तैयार करने के बाद अंत में स्वाद बदलने के लिए अदरक, नींबू व हरी मिर्च मिलाते हैं। चिकन मलाई टिक्का जिसे पांच-छह गरम मसाले, ड्राई फ्रूट व दही की ग्रेवी के रोस्ट किया जाता है। सुरमई फिश टिक्का बनाने के लिए फिश को ड्राई फ्रूट, दही व मसालों के साथ एक घंटे तक ग्रिल करके तैयार किया जाता है। जिसके बाद वह पूरी तरह कोमल हो जाती है और खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है।

प्रसिद्ध क्रिकेटर, नेता व बॉलीवुड सितारे भी दीवाने हैं पप्पू के स्वाद के

जुबैर (पप्पू) बताते हैं कि जब वह निजामुद्दीन में थे तो उनके पास भारतीय व पाकिस्तानी क्रिकेट टीम भी कबाब खाने आती थी। कपिल देव और अजय जडेजा अक्सर उनके हाथ की कबाब खाने आते थे। इसके अलावा कई बॉलीवुड सितारे उनके हाथ के कबाब के दीवाने हैं। संजय दत्त, दिलेर मेहंदी, फारुख शेख, नंदिता दास, शत्रुघ्न सिन्हा, रणधीर कपूर, करिश्मा कपूर भी यहां कबाब खाने आ चुके हैं। इसके अलावा शर्मिला टैगोर व मंसूर अली खान पटौदी भी अपने घर यह कबाब मंगाया करते थे। पप्पू बताते हैं कि वह राजीव गांधी के घर पर दो बार डिनर पार्टी में अपने हाथ की बनी कबाब परोस चुके हैं।

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ऐसे पहुंचे

नजदीकी मेट्रो स्टेशन राजीव चौक

समय-शाम छह बजे से लेकर रात 12 बजे तक

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काकोरी कबाब-190रुपये

शाही पराठा-40रुपये

गलोटी कबाब-190रुपये

चिकन मलाई टिक्का-230रुपये

सुरमई फिश-450रुपये

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