Pink Tax Gillette India Consumer Court Notice
Pink Tax Gillette India Consumer Court Notice

महिलाओं के उत्पादों पर अनुचित और अत्यधिक मूल्य यानी ‘पिंक टैक्स’ (Pink Tax) वसूलने के मामले में कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कोटा ने जिलेट इंडिया लिमिटेड (Gillette India Limited) के प्रबंध निदेशक, सीईओ और प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक रूप से नोटिस जारी किया है। यह परिवाद वरिष्ठ पत्रकार डॉ. क्षिप्रा माथुर द्वारा राजस्थान हाई कोर्ट के अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह के माध्यम से दायर किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

परिवादिनी डॉ. क्षिप्रा माथुर ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत यह मामला दर्ज कराया है। उन्होंने कोटा के एक बिक्री केंद्र से जिलेट के दो शेविंग रेजर खरीदे थे—एक पुरुषों के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए विपणन किया जाने वाला रेजर। जांच में सामने आया कि दोनों रेजर तकनीकी रूप से बिल्कुल समान कार्य करते हैं, लेकिन कंपनी महिलाओं वाले रेजर पर केवल गुलाबी रंग का प्लास्टिक चढ़ाकर और ‘महिलाओं के लिए’ बताकर पुरुषों के मुकाबले 4 से 6 गुना अधिक कीमत वसूल रही है।

उपभोक्ता अधिकारों का हनन और कानूनी पहलू:

अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह ने बताया कि केवल रंग बदलकर और मार्केटिंग की आड़ में एक ही कार्य करने वाले उत्पाद के लिए महिलाओं से कई गुना अधिक दाम वसूलना ‘पिंक टैक्स’ है। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practices) और भ्रामक विज्ञापन का स्पष्ट उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट (प्रकरण संख्या 22/2026) ने जिलेट इंडिया के एमडी व सीईओ श्री कुमार वेंकटसुब्रमणियन, चेयरपर्सन सुश्री अंजुली चिब दुग्गल और निदेशक श्री संजय अशर को नोटिस जारी कर 16 दिसंबर, 2026 को रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

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