Frames of Eternity
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160 दुर्लभ तस्वीरों में कैद तीन दशकों का राजनीतिक-सामाजिक सफर

दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।

क्या आपने कभी सोचा है कि 1960 के दशक की दिल्ली कैसी दिखती होगी? या वो पल जब देश के बड़े नेताओं ने इतिहास बदलने वाले फैसले लिए थे? प्रख्यात फोटो पत्रकार Roshan Lal Chopra के कैमरों ने उन लम्हों को हमेशा के लिए अमर कर दिया है। नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में इन दिनों एक बेहद खास फोटोग्राफिक प्रदर्शनी “Frames of Eternity” चल रही है। यह प्रदर्शनी सिर्फ तस्वीरों का संग्रह नहीं, बल्कि 1962 से 1992 तक के भारत की एक टाइम मशीन है।

रोशन लाल चोपड़ा, जो द इंडियन एक्सप्रेस के पूर्व फोटो संपादक रह चुके हैं, के 92वें जन्मदिवस के मौके पर आयोजित यह प्रदर्शनी हमें उस दौर में ले जाती है जहाँ ब्लैक एंड व्हाइट फ्रेम में सच्चाई और संवेदनाएं साफ झलकती थीं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 7 मार्च 2026 को वरिष्ठ पत्रकार श्री ए. सूर्य प्रकाश और पुष्पा गिरिमाजी द्वारा किया गया। यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं या भारत के गौरवशाली इतिहास को करीब से देखना चाहते हैं, तो 12 मार्च की यह ताज़ा अपडेट आपके लिए ही है। यहाँ आपको देश के 11 प्रधानमंत्रियों और 10 राष्ट्रपतियों के जीवन के वो दुर्लभ क्षण देखने को मिलेंगे जो अब तक फाइलों में दबे थे।

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160 दुर्लभ तस्वीरों में कैद तीन दशकों का सफर

Roshan Lal Chopra की इस प्रदर्शनी में लगभग 160 ऐसी तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं जो आपको हैरान कर देंगी। प्रदर्शनी के क्यूरेटर रवि चोपड़ा और डॉ. शोभना राधाकृष्ण ने इसे इतने करीने से सजाया है कि दर्शक खुद को 1970 और 80 के दशक के भारत के बीच खड़ा पाते हैं। इन श्वेत-श्याम छायाचित्रों (Black & White Photos) में लुटियंस दिल्ली के आर्किटेक्चर से लेकर चांदनी चौक की तंग गलियों तक की कहानी दर्ज है।

युवाओं के लिए यह प्रदर्शनी इसलिए भी खास है क्योंकि यहाँ पुराने जमाने के भारी-भरकम कैमरे और फोटोग्राफी के वो उपकरण भी रखे गए हैं, जिनसे रोशन लाल जी ने अपना पूरा करियर बनाया। आज के डिजिटल दौर में, जहाँ हम स्मार्टफोन से सेकंडों में फोटो खींचते हैं, यह देखना दिलचस्प है कि कैसे एक फोटो जर्नलिस्ट ने रील और निगेटिव के जमाने में ‘परफेक्ट शॉट’ के लिए घंटों इंतजार किया होगा।

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ऐतिहासिक क्षण: शास्त्री जी का भाषण और चंबल का आत्मसमर्पण

प्रदर्शनी का सबसे सशक्त हिस्सा वह है जहाँ ऐतिहासिक घटनाओं को दिखाया गया है। इसमें 1965 में लाल किले से प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का संबोधन और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान वाघा बॉर्डर की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें शामिल हैं। Roshan Lal Chopra ने न केवल राजनेताओं को शूट किया, बल्कि समाज के गहरे बदलावों को भी पकड़ा। मध्य प्रदेश के चंबल में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सामने डकैतों का आत्मसमर्पण उनके करियर की सबसे साहसी तस्वीरों में से एक मानी जाती है।

दिल्ली का बदलता चेहरा और मानवीय संवेदनाएं

राजपथ पर मानसून में ड्यूटी करते पुलिसकर्मी हों या विजय चौक का वह मशहूर ‘डांसिंग ट्रैफिक पुलिसमैन’—चोपड़ा जी की नजर से कुछ नहीं बचा। कनॉट प्लेस का विहंगम दृश्य और चांदनी चौक का चाटवाला हमें उस दिल्ली की याद दिलाता है जो अब काफी हद तक बदल चुकी है। यह प्रदर्शनी केवल पत्रकारों या इतिहासकारों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए है जो कला और इतिहास की गहराई को समझना चाहता है।

Frames of Eternity
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Roshan Lal Chopra का योगदान भारतीय पत्रकारिता में अतुलनीय है। उनकी यह प्रदर्शनी ‘Frames of Eternity’ हमें याद दिलाती है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। ये श्वेत-श्याम फ्रेम समय के पार जाकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर हैं। यह प्रदर्शनी 17 मार्च तक इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की आर्ट गैलरी (मल्टीपर्पज हॉल) में सुबह 11 से शाम 7 बजे तक खुली है। अगर आप दिल्ली में हैं, तो इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा जरूर बनें। यह अपनी जड़ों को फिर से खोजने और फोटोग्राफी की बारीकियों को समझने का एक शानदार मौका है।

Q&A Section

Q1: ‘Frames of Eternity’ प्रदर्शनी कब तक चलेगी?

A: यह प्रदर्शनी 17 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

Q2: इस प्रदर्शनी का स्थान क्या है?

A: यह इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC), नई दिल्ली की आर्ट गैलरी (मल्टीपर्पज हॉल, द्वितीय तल) में आयोजित की जा रही है।

Q3: रोशन लाल चोपड़ा कौन थे?

A: वह द इंडियन एक्सप्रेस के पूर्व फोटो संपादक और भारत के जाने-माने फोटो पत्रकार थे, जिन्होंने 11 प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को कवर किया।

Q4: क्या इस प्रदर्शनी में प्रवेश के लिए कोई टिकट है?

A: आमतौर पर IIC की ऐसी प्रदर्शनियाँ आम जनता के लिए निशुल्क होती हैं, लेकिन आप प्रवेश द्वार पर पुष्टि कर सकते हैं।

Q5: प्रदर्शनी में मुख्य रूप से क्या देखने को मिलेगा?

A: यहाँ 160 दुर्लभ ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें, ऐतिहासिक घटनाओं के छायाचित्र और पुराने फोटोग्राफी उपकरण देखने को मिलेंगे।

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