पत्नी की सैलरी से चलता था घर का खर्चा
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
motivational quotes: योगेश मेहता की सफलता की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। उनका जीवन उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहा है, लेकिन उनकी मेहनत, संघर्ष और किस्मत ने उन्हें वह मुकाम दिलवाया, जहां वह आज अरबों डॉलर के मालिक हैं। वह पेट्रोकेम मिडिल ईस्ट के संस्थापक और सीईओ हैं, जो कि केमिकल डिस्ट्रीब्यूशन उद्योग में एक बड़ा नाम है। आइए, जानते हैं उनके संघर्ष और सफलता की अनकही कहानी, जिसे हर कोई कोई सुन कर हुआ हैरान…..
शुरुआती संघर्ष और दिवालियापन
योगेश मेहता का जीवन 1990 के दशक में एक कठिन मोड़ पर था, जब उनका केमिकल डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस भारत में डूब गया था। इस दौरान वह दिवालिया हो गए थे, और उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई थी। लेकिन इस कठिन समय में, उनकी पत्नी ने उनका साथ दिया। वह एक टीचर के रूप में काम करके परिवार का गुजारा करती थीं और उनके एक साल के बेटे, रोहन की देखभाल भी करती थीं। योगेश मेहता, हालांकि, हार मानने वाले नहीं थे। वह दुबई में नए अवसरों की तलाश में थे और उन्हें वहां एक नई शुरुआत मिली।
वेब स्टोरीज
दुबई में नई शुरुआत
1995 में, 35 साल की उम्र में, योगेश मेहता ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पेट्रोकेम मिडिल ईस्ट की स्थापना की। शुरू में कंपनी छोटे पैमाने पर थी, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प और मेहनत ने उसे एक अरब डॉलर की कंपनी बना दिया। आज यह कंपनी दुबई के जेबेल अली पोर्ट पर विशाल स्टोरेज टर्मिनल का संचालन करती है और सालाना 27 देशों को 30 लाख टन से अधिक केमिकल उत्पाद निर्यात करती है।
कंपनी का विस्तार और सफलता
योगेश मेहता के नेतृत्व में पेट्रोकेम मिडिल ईस्ट ने न केवल व्यापार में वृद्धि की, बल्कि लॉजिस्टिक्स और ट्रेडिंग में भी विस्तार किया। कंपनी के अब दुनियाभर में कार्यालय हैं और इसका टर्नओवर 1.5 अरब डॉलर से भी अधिक है। एक दशक पहले उनके बेटे, रोहन ने भी इस कारोबार में कदम रखा और कंपनी को और अधिक विविधता और वैश्विक विस्तार की दिशा में मदद की। आज, रोहन बिजनेस डेवलपमेंट डायरेक्टर के रूप में कंपनी में कार्यरत हैं।
समाज की करो सेवा पाओ मेवा
योगेश मेहता सिर्फ व्यवसायी ही नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी हैं। उन्होंने कई परोपकारी कार्य किए हैं, जिनमें से एक अहम योगदान अबू धाबी में स्वामी नारायण मंदिर के निर्माण में था। उनका मानना है कि समाज की सेवा करना सबसे बड़ा कार्य है।
वित्तीय सफलता
योगेश मेहता की मेहनत और समर्पण का नतीजा यह है कि आज उनकी कुल संपत्ति लगभग 1.5 अरब डॉलर (12,990.43 करोड़ रुपये) आंकी गई है। 2017 में, पेट्रोकेम के लिए 2010 के बाद का सबसे अच्छा साल साबित हुआ, जब कंपनी ने 1.1 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो 2016 से 17% अधिक था।
मुश्किलों में भी कभी हार नहीं माननी चाहिए
योगेश मेहता की जीवन यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अगर इंसान में सही दिशा और समर्पण हो, तो मुश्किलों को पार करते हुए सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने दिवालियापन से लेकर अरबों डॉलर के साम्राज्य तक का सफर तय किया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि मुश्किलों में भी कभी हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि संघर्ष करते रहना चाहिए।
लेटेस्ट पोस्ट
- Samsung Galaxy S25 Ultra 5G पर ₹47,849 की भारी छूट: अमेज़न दिवाली सेल में ₹82,150 में खरीदें सैमसंग फ्लैगशिप
- Diwali Earning Ideas 2026: दिवाली से पहले पैसे कैसे कमाएं? Gen Z यूथ के लिए 5 बेस्ट पॉकेट मनी और साइड-हसल आइडियाज
- AI Study Hacks | क्या AI से पढ़ाई करना सही है? सीखना घटे बिना AI का इस्तेमाल कैसे करें, 5 नियम
- AI Fresher Jobs 2027 | क्या AI से फ्रेशर्स की नौकरी जाएगी? World Bank रिपोर्ट और 5 स्किल्स
- जंतर-मंतर बवाल: क्राइम ब्रांच के सामने पहुंचते ही बदले CJP नेताओं के तेवर…









