पवन चामलिंग और नवीन पटनायक जैसे दिग्गजों के बीच ‘सुशासन बाबू‘ ने बनाई अनोखी पहचान
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले टॉप 10 मुख्यमंत्रियों (CMs) के क्लब में धमाकेदार एंट्री मारी है। अपनी राजनीतिक कलाबाजी और प्रशासन पर मजबूत पकड़ के दम पर, नीतीश कुमार ने लगभग 19 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस सूची में वह एम. करुणानिधि और प्रकाश सिंह बादल जैसे कद्दावर नेताओं को पीछे छोड़ चुके हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बिहार जैसे अस्थिर राज्य की राजनीति में यह कीर्तिमान स्थापित किया है।
टॉप 10 क्लब में नीतीश की एंट्री
आंकड़ों के अनुसार, 19 नवंबर 2025 तक, नीतीश कुमार ने लगभग 19 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है, जो तीन अलग-अलग अवधियों में बंटा है:
- पहला दौर: 3 मार्च 2000 – 11 मार्च 2000 (केवल 8 दिन)
- दूसरा दौर: 24 नवंबर 2005 – 20 मई 2014
- तीसरा दौर: 22 फरवरी 2015 – 19 नवंबर 2025
उन्होंने लगातार गठबंधन बदलने के बावजूद सत्ता की बागडोर संभाले रखी। जहां पवन चामलिंग (सिक्किम) या नवीन पटनायक (ओडिशा) ने एक ही पार्टी के नेतृत्व में दशकों तक स्थिर शासन दिया, वहीं नीतीश कुमार ने RJD से BJP और फिर RJD के बीच कई बार स्विच किया। यह उनकी सबसे अनोखी पहचान है—बिहार की जटिल राजनीति में वह संतुलन साधने में माहिर रहे, जिसके चलते उन्हें ‘राजनीतिक समन्वय के मास्टर’ (Master of Political Coordination) का खिताब मिला।
भारत के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री (The Elite CMs Club)
नीतीश कुमार अब उस विशिष्ट समूह का हिस्सा हैं, जिसमें राजनीतिक स्थिरता के प्रतीक माने जाने वाले नेता शामिल हैं। उनकी स्थिति अब पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार (त्रिपुरा, 19 साल से अधिक) के ठीक पीछे है।
| रैंक | मुख्यमंत्री का नाम | राज्य | कुल कार्यकाल (अनुमानित) | प्रमुख अवधि |
| 1 | पवन कुमार चामलिंग | सिक्किम | 25 वर्ष से अधिक | 1994-2019 |
| 2 | नवीन पटनायक | ओडिशा | 24 वर्ष से अधिक | 2000-2024 |
| 3 | ज्योति बसु | पश्चिम बंगाल | 23 वर्ष से अधिक | 1977-2000 |
| 4 | गेगोंग अपांग | अरुणाचल प्रदेश | 22 वर्ष से अधिक | (विभिन्न अवधियों में) |
| 5 | लाल थान्हवला | मिजोरम | 22 वर्ष से अधिक | (विभिन्न अवधियों में) |
| 6 | वीरभद्र सिंह | हिमाचल प्रदेश | 21 वर्ष से अधिक | (विभिन्न अवधियों में) |
| 7 | माणिक सरकार | त्रिपुरा | 19 वर्ष से अधिक | 1998-2018 |
| 8 | नीतीश कुमार | बिहार | करीब 19 वर्ष | (विभिन्न अवधियों में) |
| 9 | एम. करुणानिधि | तमिलनाडु | 18 वर्ष से अधिक | (विभिन्न अवधियों में) |
| 10 | प्रकाश सिंह बादल | पंजाब | 18 वर्ष से अधिक | (विभिन्न अवधियों में) |
‘सुशासन बाबू‘ की विरासत और बिहार में बदलाव
नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ के रूप में जाना जाता है। उनके लंबे कार्यकाल को सिर्फ सत्ता में बने रहने से नहीं मापा जाता, बल्कि बिहार में सामाजिक और ढांचागत सुधारों के लिए भी जाना जाता है। सड़कों का निर्माण, शिक्षा में सुधार, और पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे कदम उनकी प्रमुख पहचान रहे हैं। अस्थिर गठबंधनों के बीच भी विकास के एजेंडे को बनाए रखना ही उनकी राजनीतिक दृढ़ता को साबित करता है। यह रिकॉर्ड सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि एक जटिल और सफल राजनीतिक जीवन का प्रमाण है।
User Q&A: आपके सवाल, हमारे जवाब
Q1: नीतीश कुमार ने कुल कितने सालों तक सीएम पद पर काम किया है?
A: प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, 19 नवंबर 2025 तक उनका कुल कार्यकाल लगभग 19 साल है।
Q2: भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री कौन हैं?
A: सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग (25 साल से अधिक) भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं।
Q3: नीतीश कुमार ने इस रिकॉर्ड में किन बड़े नेताओं को पीछे छोड़ा है?
A: उन्होंने तमिलनाडु के एम. करुणानिधि (18 वर्ष से अधिक) और पंजाब के प्रकाश सिंह बादल (18 वर्ष से अधिक) को पीछे छोड़कर टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है।
Q4: बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
A: उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह बिहार की अस्थिर गठबंधन राजनीति में भी लंबे समय तक सत्ता में बने रहे और ‘सुशासन’ का एजेंडा कायम रखा।
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