azim premji net worth: जानिए इस दौलतमंद परिवार की अनोखी कहानी
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
azim premji net worth: भारत में मुस्लिम समुदाय ने कला, साहित्य, संगीत और अन्य क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हालांकि, जब बात व्यवसाय और सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व की आती है, तो मुस्लिम समाज अक्सर पिछड़ा हुआ नजर आता है। लेकिन, भारत में एक ऐसा मुस्लिम परिवार है जो तीन पीढ़ियों से व्यवसाय जगत में अपना नाम रोशन कर रहा है। यह परिवार न केवल भारत की सबसे अमीर मुस्लिम फैमिली है, बल्कि देश के सबसे बड़े परोपकारी लोगों में भी शुमार है। इस परिवार का नाम है प्रेमजी परिवार, और इसके मुखिया हैं अजीम प्रेमजी, जो आईटी कंपनी विप्रो के संस्थापक हैं।
अजीम प्रेमजी का परिवार और उनकी शुरुआत
अजीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता, मोहम्मद प्रेमजी, एक सफल चावल व्यापारी थे और मूल रूप से म्यांमार में व्यापार करते थे। 1940 के दशक में वे भारत आकर बस गए। देश के विभाजन के समय, पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने मोहम्मद प्रेमजी को पाकिस्तान आने और वहां के वित्त मंत्री बनने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, मोहम्मद प्रेमजी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और भारत में ही रहने का फैसला किया।
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पाकिस्तानी बना हिन्दुस्तानी
अजीम प्रेमजी ने अपनी शिक्षा भारत में पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। उनके बड़े भाई, फारुख प्रेमजी, ने पिता के साथ व्यवसाय में हाथ बंटाना शुरू किया। लेकिन, 1965 में फारुख प्रेमजी ने शादी के बाद परिवार छोड़ दिया और पाकिस्तान चले गए। इसके एक साल बाद, 1966 में मोहम्मद प्रेमजी का निधन हो गया, और अजीम प्रेमजी को अपनी पढ़ाई छोड़कर भारत लौटना पड़ा।
कर्ज में डूबी कंपनी से वैश्विक आईटी दिग्गज तक का सफर
अजीम प्रेमजी ने अपने पिता के तेल व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाली। उस समय कंपनी पर भारी कर्ज था, लेकिन अजीम प्रेमजी ने अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से न केवल कंपनी को संकट से उबारा, बल्कि उसे और भी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने इंजीनियरिंग और बॉडी केयर सेक्टर में नए उत्पाद लॉन्च किए और व्यवसाय को विस्तार दिया।
भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी
1977 में, अजीम प्रेमजी ने आईटी सेक्टर में कदम रखा और कंपनी का नाम बदलकर विप्रो रख दिया। उन्होंने भारत में उभरते कंप्यूटर उद्योग की क्षमता को पहचाना और विप्रो को कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की ओर मोड़ दिया। विप्रो ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी की और दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई। आज, विप्रो भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 3 ट्रिलियन रुपये से अधिक है।
अजीम प्रेमजी की संपत्ति और परोपकार
अजीम प्रेमजी न केवल भारत के सबसे अमीर मुस्लिम व्यवसायी हैं, बल्कि वे देश के 19वें सबसे धनी व्यक्ति भी हैं। फोर्ब्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 12.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। हालांकि, अजीम प्रेमजी की पहचान सिर्फ एक सफल व्यवसायी के रूप में नहीं है, बल्कि वे एक महान परोपकारी भी हैं।
9,713 करोड़ रुपये का दान
EdelGive Hurun India Philanthropy List 2021 के अनुसार, अजीम प्रेमजी भारत के सबसे बड़े दानदाताओं में शीर्ष पर हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 9,713 करोड़ रुपये का दान दिया, जो प्रतिदिन लगभग 27 करोड़ रुपये के बराबर है। उनका यह दान मुख्य रूप से शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले संगठनों को दिया गया है।
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