भारतीय सेना ने कहा-पाकिस्तान में आतंकी समूहों के कैंप किए नष्ट
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
operation sindoor: तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति अब केवल बचाव की नहीं, बल्कि निर्णायक प्रहार की है। इस मौके पर एयर मार्शल ए.के. भारती ने रामचरित मानस की चौपाई सुनाकर पाकिस्तान को चेताया—
“विनय न माने जलधि जड़, गए तीन दिन बीत।
बोले राम सकोप तब, भय बिन होत न प्रीति॥”
भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने यह चौपाई सुनाकर यह स्पष्ट कर दिया कि जब विनम्रता का उत्तर भीषणता से दिया जाए, तब जवाब भी उसी भाषा में देना होता है।
DGMO का बड़ा बयान: आतंक का पाप अब नहीं सहेगा भारत
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (DGMO) ने कहा,
“ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को एक व्यापक संदर्भ में देखने की जरूरत है। पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद का स्वरूप बदल चुका है। अब न केवल सेना बल्कि निर्दोष नागरिक भी निशाना बनाए जा रहे हैं। 2024 में शिवखोड़ी मंदिर जा रहे तीर्थयात्रियों और पहलगाम में मासूम पर्यटकों पर हमले इसका प्रमाण हैं। पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था।“
उन्होंने बताया कि भारत की सर्जिकल कार्रवाई LOC और IB पार किए बिना ही की गई। सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट था कि पाकिस्तान इसका जवाब सीमा पार से ही देगा, इसी कारण से एयर डिफेंस प्रणाली को पहले से एक्टिव मोड में रखा गया था।

पाकिस्तान की वायुसेना को नाकामी का स्वाद चखना पड़ा
DGMO ने बताया कि 9 और 10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने भारतीय एयरफील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय वायु रक्षा तंत्र ने इसे पूरी तरह विफल कर दिया।
एयर मार्शल AK भारती: पाकिस्तान ने आतंकियों का साथ देकर बड़ी भूल की
एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा,
“हमारी लड़ाई केवल आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ थी। 7 मई को भारतीय वायुसेना ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। लेकिन दुर्भाग्य से पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ देने का निर्णय लिया और इसे अपनी लड़ाई बना ली।”
उन्होंने आगे कहा कि इस परिस्थिति में भारत की जवाबी कार्रवाई अनिवार्य और आवश्यक थी। जो भी नुकसान पाकिस्तान को हुआ, उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है।
“हमारी एयर डिफेंस सिस्टम आज राष्ट्र के लिए एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी है, जिसे भेदना किसी भी दुश्मन के लिए नामुमकिन है।”

आतंक के समूल नाश के लिए हर स्तर पर तैयार
तीनों सेनाओं की प्रेस वार्ता से यह साफ हो गया है कि भारत अब केवल चेतावनी नहीं देगा, कार्रवाई करेगा। रामचरित मानस की चौपाई के माध्यम से यह संदेश पूरी दुनिया को गया है कि जब शांति की बात नहीं सुनी जाती, तो भारत प्रतिक्रिया देने से नहीं झिझकता।
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