शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
Share market News: बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर की मानें तो लगातार गिरावट झेल रहे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को एक और झटका लगा है। स्मॉलकैप शेयरों में 3% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वे मंदी की गिरफ्त में आ गए हैं। वहीं, मिडकैप इंडेक्स भी 2.4% लुढ़ककर मंदी के करीब पहुंच चुका है। मिडकैप शेयर अपने शीर्ष स्तर से अब तक 18.4% तक गिर चुके हैं।
निफ्टी 50 और सेंसेक्स भी दिनभर के कारोबार में 1% से अधिक गिरावट दर्ज कर चुके थे, हालांकि बाद में कुछ सुधार देखने को मिला और आधे नुकसान की भरपाई हो गई।
प्रमुख आंकड़े:
- स्मॉलकैप इंडेक्स: 3% की गिरावट के साथ मंदी की गिरफ्त में।
- मिडकैप इंडेक्स: 2.4% की गिरावट के साथ मंदी के करीब।
- निफ्टी 50: अपने शीर्ष स्तर से 12% नीचे, 22,929 पर बंद।
- सेंसेक्स: 12% की गिरावट के साथ 75,939 पर बंद।
- साप्ताहिक गिरावट: सेंसेक्स में 2.5% और निफ्टी में 2.7% की गिरावट।
- बाजार पूंजीकरण: 7 लाख करोड़ रुपये घटकर 400.2 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
- विदेशी निवेशक बिकवाली: 4,295 करोड़ रुपये की बिकवाली, वर्ष 2024 में अब तक 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बिके।
वेब स्टोरीज
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
1. उच्च मूल्यांकन और मुनाफे में धीमी वृद्धि
इस साल की शुरुआत में कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार के अनुमान से कमजोर रहे, खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में। इससे निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।
2. अमेरिकी व्यापार नीति में बदलाव
अमेरिका द्वारा अपनी व्यापार नीति में बदलाव किए जाने से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे भारतीय बाजार पर भी दबाव देखा गया।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस साल अब तक 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। इससे बाजार में अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
4. लगातार गिरावट का सबसे लंबा दौर
पिछले आठ सत्रों से बाजार लाल निशान में बंद हो रहा है, जो कि पिछले दो वर्षों में सबसे लंबी गिरावट है। इससे निवेशकों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
क्या आगे और गिरावट संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो बाजार में और गिरावट संभव है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अवसर भी हो सकता है, क्योंकि कई अच्छे शेयर आकर्षक मूल्य स्तर पर उपलब्ध हो सकते हैं।
निवेशकों के लिए सुझाव:
- लॉन्ग-टर्म निवेश रणनीति अपनाएं।
- मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश करें।
- शेयरों की कीमतों में स्थिरता आने तक नई खरीदारी से बचें।
- मार्केट की चाल पर नियमित नजर रखें।
- म्यूचुअल फंड और एसआईपी निवेश पर फोकस करें।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल दबाव में है, खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन के चलते बाजार में नकारात्मकता बनी हुई है। हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह एक अवसर भी हो सकता है। निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश की रणनीति बनानी चाहिए।
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