जनता से सीधे जुड़ने वाले प्रशासक रोशन कुमार सिंह, जिनकी कार्यशैली और उपलब्धियां उन्हें बनाती हैं खास!
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
IAS Raushan Kumar Singh Profile: उज्जैन जिले के वर्तमान कलेक्टर और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2015 बैच के अधिकारी रोशन कुमार सिंह अपनी कर्मठता और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने न केवल विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं, बल्कि अपनी दूरदर्शी सोच और जमीनी स्तर पर काम करने की शैली से गहरा प्रभाव भी छोड़ा है।
वर्तमान में वे उज्जैन में सिंघस्थ 2028 जैसी विशाल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की तैयारियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आइए, गहराई से जानते हैं इस युवा और गतिशील अधिकारी के प्रोफाइल, शिक्षा, करियर और उनके उल्लेखनीय कार्यों के बारे में।
रोशन कुमार सिंह IAS: परिचय और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
जन्म और स्थान: 2 जुलाई, 1985 को रांची, झारखंड में जन्मे।
स्कूलिंग: उनकी स्कूली शिक्षा विकास विद्यालय से पूरी हुई।
उच्च शिक्षा: उन्होंने IIT कानपुर से B.Tech और M.Tech की डिग्री प्राप्त की है, जो उनकी अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।
प्रारंभिक करियर: IAS बनने से पहले, उन्होंने NTPC में एक इंजीनियर के रूप में काम किया। उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) परीक्षा भी उत्तीर्ण की, लेकिन IAS बनने के अपने जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने दोबारा UPSC परीक्षा दी और अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

प्रशासनिक उपलब्धियां
रोशन कुमार सिंह का करियर ग्राफ बताता है कि वे जहाँ भी रहे, उन्होंने सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया।
विदिशा में कलेक्टर: स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर जोर
विदिशा में कलेक्टर के रूप में, उन्होंने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और बच्चों में कुपोषण को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया, जिससे 20,000 बच्चों को लाभ मिला।
उन्होंने किसानों के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई पहल कीं।
उज्जैन में कलेक्टर (वर्तमान): सिंघस्थ और जन-कल्याण
उज्जैन में कलेक्टर के रूप में, उनकी प्राथमिकताओं में शिक्षा में सुधार और सिंघस्थ 2028 की भव्य तैयारियों की देखरेख करना शामिल है, जिसमें घाट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
वे नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करते हैं, महिलाओं के लिए आजीविका योजनाएं लागू करते हैं और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हैं।

मोरेना में जिला पंचायत CEO (कोविड-19 के दौरान): आत्मनिर्भरता की मिसाल
कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में, मोरेना में जिला पंचायत सीईओ के रूप में उन्होंने महिलाओं को मास्क, PPE किट और सैनिटाइज़र बनाने में शामिल किया।
उन्होंने उनके लिए बड़े सरकारी ऑर्डर भी हासिल किए, जिससे स्थानीय महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ी और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया।
उज्जैन में नगर निगम आयुक्त (2022): राजस्व में नवाचार
2022 में उज्जैन में नगर निगम आयुक्त रहते हुए, उन्होंने नगर निगम के राजस्व को बढ़ाने के लिए कई नवाचारों की शुरुआत की।
अन्य महत्वपूर्ण पद: उन्होंने मोरेना और खंडवा में जिला पंचायत अधिकारी के रूप में और भोपाल में जनसंपर्क विभाग में भी कार्य किया है।
कार्यशैली और जनता पर प्रभाव
रोशन कुमार सिंह अपनी अपरंपरागत और जनता-उन्मुख प्रशासनिक शैली के लिए लोकप्रिय हैं।
वह अक्सर स्कूलों, अस्पतालों और गांवों का अनाउंसड (बिना बताए) निरीक्षण करते हैं ताकि जमीनी हकीकत को समझ सकें।
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का वह व्यक्तिगत रूप से फॉलो-अप करते हैं और शिकायतकर्ताओं से तब तक संपर्क में रहते हैं जब तक उनकी समस्या हल नहीं हो जाती।
उनकी यह प्रत्यक्ष और संवेदनशील कार्यशैली उन्हें जनता के बीच एक लोकप्रिय और विश्वसनीय अधिकारी बनाती है।
Q&A
Q1: रोशन कुमार सिंह IAS वर्तमान में किस जिले के कलेक्टर हैं?
A1: रोशन कुमार सिंह IAS वर्तमान में उज्जैन जिले के कलेक्टर हैं।
Q2: सिंघस्थ 2028 की तैयारियों में उनकी क्या भूमिका है?
A2: वे उज्जैन में सिंघस्थ 2028 की तैयारियों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें घाट निर्माण और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं की देखरेख शामिल है।
Q3: रोशन कुमार सिंह IAS ने अपनी उच्च शिक्षा कहाँ से प्राप्त की है?
A3: उन्होंने अपनी B.Tech और M.Tech की डिग्री IIT कानपुर से प्राप्त की है।
Q4: कोविड-19 महामारी के दौरान मोरेना में उनका क्या योगदान था?
A4: कोविड-19 के दौरान मोरेना में जिला पंचायत CEO रहते हुए, उन्होंने महिलाओं को मास्क, PPE किट और सैनिटाइज़र बनाने में शामिल किया और उनके लिए बड़े ऑर्डर हासिल किए।
Q5: रोशन कुमार सिंह IAS की कार्यशैली की क्या खास बात है?
A5: वे अपनी जनता-उन्मुख और अपरंपरागत कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, जिसमें बिना बताए निरीक्षण और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का व्यक्तिगत फॉलो-अप शामिल है।
- AI se 1 lakh mahina kaise kamaye — वो 3 तरीके जो YouTube पर कोई नहीं बताता
- BYD Atto 3 2026 का बड़ा खुलासा — 630km Range और सिर्फ 9 मिनट में Full Charge, Nexon EV और MG ZS EV की अब खैर नहीं
- रोज 40km दिल्ली में चलाते हो? Petrol, CNG और EV का 5 साल का हिसाब देख लो — ₹3.67 लाख का फर्क है जो dealer कभी नहीं बताएगा petrol vs CNG vs EV running cost
- 2027 BMW 7 Series i7 रिवील: एक बार चार्ज करो और दिल्ली से मुंबई आधा रास्ता तय! देखें इस Neue Klasse डिज़ाइन का असली जादू।
- DU Research Big Reveal: क्या Ice Bath है एथलीटों के लिए ‘सुपर टॉनिक’? रिकवरी समय में 33% की भारी कटौती!






