जानिए उनका प्रेरणादायक सैन्य सफर
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
Operation sindoor: 2016 में जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, तब देशवासियों के सामने पहली बार आया एक और नाम—‘ऑपरेशन सिंदूर’।
यह वह कोडनेम था, जिसके ज़रिए इस मिशन को अंजाम दिया गया। मीडिया और रक्षा विश्लेषकों में यह जानने की उत्सुकता थी कि आखिर इस बड़े सैन्य ऑपरेशन की जानकारी देश को किसने दी?
जवाब था—कर्नल सोफिया कुरैशी।
कर्नल सोफिया कुरैशी वही अधिकारी हैं जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण पर भारत की सैन्य रणनीति और मिशन के बारे में जानकारी साझा की। वे भारतीय सेना की वह बहादुर अधिकारी हैं जिन्होंने न सिर्फ देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाई, बल्कि विदेशों में भारत की सैन्य छवि को भी मज़बूती दी।
गुजरात से सेना तक: एक मिशन भरा सफर
सोफिया कुरैशी गुजरात की रहने वाली हैं और उन्होंने बायोकैमिस्ट्री में स्नातक की पढ़ाई की है। लेकिन देशभक्ति की भावना उन्हें सेना की ओर खींच लाई। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने कई अभियानों और रणनीतिक अभियानों में भाग लिया। लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें अंतरराष्ट्रीय सैन्य मंच पर भारत का नेतृत्व करने का अवसर मिला।फोर्स 18 में भारतीय टुकड़ी की पहली महिला कमांडर2016 में थाईलैंड में आयोजित ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ में उन्होंने भारत की ओर से सेना की 40-सैनिकों की टुकड़ी की कमान संभाली। यह अभ्यास 18 देशों की सेनाओं के बीच हुआ था। खास बात यह रही कि सोफिया उस पूरे आयोजन में अकेली महिला थीं जो किसी भी देश की टुकड़ी की कमांड कर रही थीं। यह भारतीय सेना के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और राष्ट्रीय सुरक्षा में भूमिका
कर्नल सोफिया की पहचान सिर्फ एक कमांडर के रूप में नहीं है, बल्कि उन्होंने उस समय भी अपनी भूमिका निभाई जब देश को पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी साझा करनी थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कोडनेम के तहत की गई इस कार्रवाई की ब्रीफिंग देने वाली अफसर के रूप में उन्होंने भारत की सैन्य रणनीति को आत्मविश्वास और गरिमा के साथ प्रस्तुत किया। यह उनकी संप्रेषण क्षमता और नेतृत्व की गवाही देता है।
प्रेरणा का प्रतीक बनीं सोफिया
आज कर्नल सोफिया कुरैशी देश की उन गिनी-चुनी महिला सैन्य अधिकारियों में शुमार हैं, जो अपने साहस और बुद्धिमत्ता से लाखों युवाओं—खासकर युवतियों—के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनका सफर यह दिखाता है कि भारतीय सेना में अब महिलाएं सिर्फ भाग नहीं ले रहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं।
- 10 मिनट में खत्म होगा घंटों का असाइनमेंट! कॉलेज स्टूडेंट्स के काम आएंगे ये 5 फ्री AI टूल्स
- Zero Investment Business Ideas: इंस्टाग्राम और थ्रिफ्ट स्टोर से कैसे शुरू करें खुद का ब्रांड?
- पहली सैलरी मिलते ही कहाँ करें इन्वेस्ट? Gen Z के लिए SIP और स्टॉक्स में पैसे लगाने की 5 आसान टिप्स
- 5 High-Paying AI Side Hustles: कॉलेज और पढ़ाई के साथ हर महीने कमाएं ₹30,000+ Step-by-Step Guide
- CJP के पोस्ट पर किस तरह के कमेंट्स करते हैं लोग? जानकर उड़ जाएंगे होश!
- 10 मिनट में खत्म होगा घंटों का असाइनमेंट! कॉलेज स्टूडेंट्स के काम आएंगे ये 5 फ्री AI टूल्स
- Zero Investment Business Ideas: इंस्टाग्राम और थ्रिफ्ट स्टोर से कैसे शुरू करें खुद का ब्रांड?
- पहली सैलरी मिलते ही कहाँ करें इन्वेस्ट? Gen Z के लिए SIP और स्टॉक्स में पैसे लगाने की 5 आसान टिप्स
- 5 High-Paying AI Side Hustles: कॉलेज और पढ़ाई के साथ हर महीने कमाएं ₹30,000+ Step-by-Step Guide
- CJP के पोस्ट पर किस तरह के कमेंट्स करते हैं लोग? जानकर उड़ जाएंगे होश!






