भारतीय एजेंसियों के सटीक इंटेलिजेंस और कार्रवाई से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल-मुजाहिदीन के ट्रेनिंग सेंटर तबाह
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
Operation Sindoor: भारत ने आतंक के खिलाफ एक बार फिर निर्णायक प्रहार करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) और पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया।
इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल-मुजाहिदीन जैसे संगठनों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। ये सभी कैंप भारत में आतंकी घुसपैठ और हमलों के लॉन्च पैड के रूप में काम कर रहे थे।
क्यों किया गया इन कैंपों को टारगेट?
इन ठिकानों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि यह आतंकवादी संगठनों की रीढ़ थे — जहां न केवल आतंकियों की ट्रेनिंग होती थी, बल्कि उन्हें घुसपैठ के लिए तैयार कर भारत में भेजा जाता था।
LOC के करीब स्थित कैंप भारतीय सेना पर हमलों की साजिशों का अड्डा थे, जबकि पाकिस्तान के अंदर के कैंप बड़े आतंकी हमलों की प्लानिंग और लॉजिस्टिक्स सेंटर थे।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत LOC के पास तबाह किए गए टारगेट्स:
1. सवाईनाला कैंप, मुजफ्फराबाद
- स्थान: LOC से 30 किमी दूर
- संगठन: लश्कर-ए-तैयबा
- महत्त्व: यह ट्रेनिंग सेंटर युवाओं को हथियार चलाने और घुसपैठ के लिए तैयार करता था।
2. सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद
- स्थान: जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया
- महत्त्व: विस्फोटक, हथियार और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी।
3. गुलपुर कैंप, कोटली
- स्थान: LOC से 30 किमी दूर
- संगठन: लश्कर-ए-तैयबा
- महत्त्व: रजौरी और पुंछ में आतंकी गतिविधियों का मुख्य केंद्र।
4. बरमाला कैंप, बिंबर
- स्थान: LOC से 9 किमी दूर
- महत्त्व: यहां ID तैयार करने, हथियारों की हैंडलिंग और जंगल में रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी।
5. अब्बास कैंप, कोटली
- स्थान: LOC से 13 किमी दूर
- महत्त्व: यह फिदायीन आतंकियों का अड्डा था, जहां एक बार में 15 आतंकियों को प्रशिक्षित किया जा सकता था।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर तबाह किए गए टारगेट्स:
6. सर्जल कैंप, सियालकोट
- स्थान: IB से 6 किमी दूर
- महत्त्व: जम्मू-कश्मीर में मार्च 2025 में मारे गए चार जवानों के हत्यारों को यहीं से ट्रेनिंग मिली थी।
7. महमूना जाया कैंप, सियालकोट
- स्थान: IB से 12-18 किमी दूर
- संगठन: हिजबुल-मुजाहिदीन
- महत्त्व: कठुआ और पठानकोट हमलों की योजना यहीं से बनी थी।
8. मरकज तैयबा, मुरीदके
- स्थान: IB से 18-25 किमी दूर
- महत्त्व: मुंबई 26/11 हमले के आतंकी यहीं ट्रेन हुए थे, अजमल कसाब और डेविड हेडली भी यहीं से जुड़े थे।
9. मरकज सुभानअल्लाह, भवलपुर
- स्थान: IB से 100 किमी दूर
- महत्त्व: जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर, बड़े हमलों की योजना यहीं से बनाई जाती थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंक के खिलाफ भारत की एक साहसी और निर्णायक सैन्य कार्रवाई है। इससे न केवल आतंकी नेटवर्क को करारा झटका मिला है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश गया है कि भारत अब आतंकी हमलों का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक से देगा।
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