-इस घटना ने एक्टर मनोज कुमार की बदल दी जिंदगी
-पिता को नारे लगाता देख एक्टर मनोज के अंदर देशभक्ति की भावना हिलोरे मारने लगी
-मनोज कुमार ने तय किया कि जिंदगी भर देशभक्ति का यह जज्बा बनाए रखेंगे
एक्टर मनोज कुमार..जिन्हें भारत कहकर भी बुलाया जाता है। मनोज कुमार (MANOJ KUMAR) को ताउम्र लोग उनकी देशभक्ति फिल्मों के लिए याद करेंगे। लेकिन इन सबके पीछे भी एक कारण है।
जिसे पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे। कि जिंदगी में मनोज कुमार ने क्या क्या झेेला है। उस समय देश आजाद नही हुआ था। बंटवारे की आग में पूरा देश जल उठा।
आगजनी, हिंसा हो रही थी। मनोज कुमार के परिवार ने बंटवारे का दंश झेेला। उनके परिवार के कई लोग मारे गए, इनके चाचा का भी कत्ल हो गया।

14 अगस्त 1947 की पूरी रात मनोज कुमार के पिता रोते रहेे। अपने भाई की लाश के पास बैठकर उन्होने पूरी रात गुजारी। बंटवारे को कई बार कोस भी रहे थे।
लेकिन अगले दिन जो मनोज कुमार ने देखा, उसने उनकी जिंदगी बदल दी। रात करीब चार बजे ही पिता ने मनोज कुमार को जगाया। बोले, उठो…जल्दी उठो,, लाल किले चलना है।
मनोज कुमार उर्फ हरिकिशन शर्मा पिता के साथ लाल किले के लिए निकल पड़े। पूरी दिल्ली देशभक्ति नारों से गुंजायमान थी। मनोज कुमार ने देखा कि जो पिता रात भर रोते रहेे वो सुबह देशभक्ति के रंग में रंगे हैं।
पिता, भारत माता की जय के नारे लगा रहे थेे। यहीं उन्हें आभास हुआ कि सबसे बड़ा देश होता है। बचपन के इस आभास को मनोज कुमार ने ऐसा गांठ बांध लिया कि ताउम्र देशभक्ति की लौ जलती रही।
वो बड़े हुए तो देशभक्ति फिल्में बनाकर देशसेवा की। उनकी फिल्मों केे कई गाने आज भी आपको स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्रता दिवस पर सुनाई दे जाएंगे। मेरे देश की धरती सोना उगलेे, ऐ रीत जहां की प्रीत सदा समेत पूरब पश्चिम के कई गाने बहुत लोकप्रिय है।
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