startup: भारत तेजी से कर रहा ग्रोथ, स्टार्टअप की बूम
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
startup: हम अक्सर सुनते हैं कि खूब पढ़ाई करो तो अच्छे करियर के मौके मिलेंगे, लेकिन जब लोग नौकरी करने लगते हैं, तो वे अक्सर कहते हैं कि कॉलेज में पढ़ी हुई चीजें नौकरी में काम नहीं आतीं। कॉलेज की थ्योरी और कॉरपोरेट स्किल्स के बीच का यह गैप अब खत्म हो रहा है एक स्टार्टअप की मदद से, जिसका नाम है Scholars Merit।
Scholars Merit की शुरुआत
इस स्टार्टअप के संस्थापक सुमित शुक्ला ने 2016 में इस समस्या को सुलझाने के लिए Scholars Merit की शुरुआत की। उनका उद्देश्य था कि कॉलेजों के छात्रों को कार्यक्षेत्र में कदम रखने से पहले ही प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री लेवल की ट्रेनिंग मिल सके। सुमित शुक्ला के पास 25 साल का अनुभव है और उन्होंने अब तक 1000 से भी अधिक लोगों को नौकरी दिलाई है।
सुमित शुक्ला का अनुभव
सुमित ने अपने करियर में अनेक क्षेत्रों में काम किया है, जिसमें इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और पोस्ट ग्रेजुएशन भी शामिल है। उनके पास एक करोड़ से भी ज्यादा का पैकेज था, लेकिन फिर उन्होंने अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया। 2016 में उन्होंने Scholars Merit को लॉन्च किया और 2023 से इस पर पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया।
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विद्यार्थियों और कंपनियों को मिल रहा फायदा
इस स्टार्टअप के द्वारा, विद्यार्थियों को पहले से यह पता चल जाता है कि उन्हें कंपनी में किस तरह का काम करना है। वहीं कंपनियों को ऐसे कर्मचारी मिलते हैं जिन्हें पहले से ही इंडस्ट्री के कामकाज की जानकारी होती है, जिससे कंपनियों को ट्रेनिंग देने में समय और खर्च की बचत होती है।
2-3 टियर कॉलेजों पर फोकस
Scholars Merit का मुख्य ध्यान 2-3 टियर कॉलेजों पर है, क्योंकि यहां के छात्रों को अवसरों की कमी होती है। स्टार्टअप की मदद से, ये कॉलेज भी टियर-1 कॉलेज के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इस स्टार्टअप में छात्रों को टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग जैसी सेवाएं भी दी जाती हैं।
ट्रेनिंग के कोर्सेस
Scholars Merit 3 महीने से लेकर 2 साल तक के कोर्सेस प्रदान करता है, जो छात्रों को इंडस्ट्री में काम करने के लिए तैयार करते हैं। इन कोर्सेस में थ्योरी के बजाय प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर जोर दिया जाता है। कंपनी 100 से ज्यादा कंपनियों के साथ काम करती है और इन कंपनियों से ट्रेनिंग के लिए एक्सपर्ट्स बुलाए जाते हैं।
प्लेसमेंट चांस में बढ़ोतरी
यह स्टार्टअप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से काम करता है, लेकिन ज्यादा ध्यान ऑफलाइन ट्रेनिंग पर है। कॉलेजों से बात कर के वहां Innovation Centers बनाए जाते हैं, जहां विद्यार्थियों को इंडस्ट्री लेवल की ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग से उनके प्लेसमेंट के चांस बढ़ जाते हैं।
200 से ज्यादा कंपनियां जुड़ी हैं
Scholars Merit के साथ अब तक 200 से ज्यादा कंपनियां जुड़ी हुई हैं। इस स्टार्टअप का उद्देश्य प्लेसमेंट कंपनी की तरह काम करना नहीं है। इसके बजाय, यह कंपनियों को अपनी ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के बारे में बताता है और फिर कंपनियां उन प्रशिक्षण प्रोग्राम्स के हिसाब से कर्मचारियों की मांग करती हैं।
भविष्य की योजनाएं
इस स्टार्टअप का फिलहाल फोकस IT इंडस्ट्री पर है, लेकिन भविष्य में यह अन्य इंडस्ट्री में भी अपना विस्तार करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, जल्द ही इंटर्नशिप मॉडल की भी शुरुआत होने वाली है।
Scholars Merit जैसे स्टार्टअप्स उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन अवसर साबित हो रहे हैं, जो अपने कॉलेज की थ्योरी से बाहर निकलकर एक व्यावासिक दुनिया में कदम रखना चाहते हैं। यह स्टार्टअप छात्रों को आवश्यक इंडस्ट्री स्किल्स सिखाकर उनके लिए नौकरी पाने के रास्ते को आसान बना रहा है। यह पहल निश्चित ही भारत के शिक्षा और रोजगार क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है!
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