10 मई तक आवेदन कर सकते हैं छात्र
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा में लाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अध्यक्ष प्रो. टी.जी. सीताराम ने ‘समर्थन: इंटर्नशिप कनेक्ट’ योजना लांच की।
उन्होंने उभरते क्षेत्रों में एआईसीटीई-क्यूआईपी-पीजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य कोर इंजीनियरिंग विषयों में संकाय सदस्यों की शैक्षणिक क्षमताओं को मजबूत करना है। इस दौरान एआईसीटीई के उपाध्यक्ष डॉ. अभय जेरे भी मौजूद रहे।
समर्थन योजना का उद्देश्य जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों को देश के प्रमुख संस्थानों में अल्पकालिक इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना है।
एआईसीटीई ने इन इंटर्नशिप की मेजबानी के लिए आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, आईआईएसईआर, एनआईटी, एनआईटीटीटीआर और आईएचएम सहित प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
प्रत्येक इंटर्नशिप ऑन-कैंपस मोड में 15 दिनों की होगी, जिसमें प्रतिभागियों को व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकाय और छात्रों के साथ बातचीत, इनक्यूबेशन और इनोवेशन केंद्रों का दौरा और देश के कुछ शीर्ष संस्थानों के शैक्षिक वातावरण में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
एआईसीटीई-अनुमोदित संस्थानों से इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, डिजाइन, अप्लाइड आर्ट्स एंड क्राफ्ट, बीबीए, बीसीए, और होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र इसमें आवेदन करने के लिए पात्र हैं। एक छात्र अपने स्नातक कार्यक्रम के दौरान अधिकतम तीन इंटर्नशिप और स्नातकोत्तर अध्ययन के दौरान दो इंटर्नशिप कर सकता है।
एआईसीटीई भोजन और आवास का खर्च वहन करेगी और भाग लेने वाले इंटर्न के यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति करेगी। पंजीकरण 22 अप्रैल, 2025 को खुलेगा। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मई है।
योजना को लांच करने के दौरान प्रो. टी.जी. सीताराम ने कहा कि यह पहल समावेशी शिक्षा और कौशल विकास के लिए भारत सरकार की सबका साथ, सबका विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
समर्थन स्कीम को यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है कि दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के छात्र अकादमिक और पेशेवर उत्कृष्टता की यात्रा में पीछे न रहें। यह पहल उन्हें पढ़ने और सीखने के समान अवसर उपलब्ध कराते हुए उनके करियर के अवसरों को बढ़ाने में भी सहायता करेगी।
इस पहल की सराहना करते हुए, डॉ. अभय जेरे ने कहा कि कई अन्य लाभों के अलावा, समर्थन स्कीम छात्रों को इन संस्थानों के इनक्यूबेशन केंद्रों का दौरा करने का अवसर भी प्रदान करेगा, जहाँ वे विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य के बारे में जान सकते हैं। यह उन्हें समस्या-समाधान और उद्यमशीलता की मानसिकता के लिए प्रेरित कर सकता है।
उभरते क्षेत्रों में क्यूआईपी-पीजी सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए पंजीकरण शुरू
एआईसीटीई ने उभरते क्षेत्रों में एआईसीटीई-क्यूआईपी-पीजी प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी लांच किया है, जिसका उद्देश्य मुख्य इंजीनियरिंग विषयों में संकाय सदस्यों की शैक्षणिक क्षमताओं को मजबूत करना है। छह महीने का हाइब्रिड सर्टिफिकेट प्रोग्राम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, आईओटी, रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग सहित अत्याधुनिक तकनीकों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार किया गया है।
यह कार्यक्रम एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित संस्थानों के पूर्णकालिक, नियमित संकाय के लिए है, जिनके पास कम से कम पांच साल का शिक्षण अनुभव है।
आवेदन एआईसीटीई क्यूआईपी पोर्टल के माध्यम से 15 मई, 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे। इस वर्ष, 40 संस्थानों में 64 प्रमाणन कार्यक्रम चलाए जाएंगे हैं।
अधिक जानकारी के लिए एआईसीटीई के इन्टर्नशिप पोर्टल https://jk-internship.aicte-india.org/ पर क्लिक करें।
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