देश के सबसे तेजी से विकास कर रहे राज्यों में दूसरे स्थान पर बिहार
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
लेखक- संजीव कुमार मिश्र
Bihar: पूरे देश पर आईपीएल की खुमारी छाई हुई है। हो भी क्यों ना….खेलों को लेकर भारतीयों में जबरदस्त क्रेज जो दिखता है। हाल ही में आईपीएल मैचों में कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद क्रिकेट के दिग्गजों तक ने भी नहीं की थी। Bihar के 14 वर्षीय लाल ‘वैभव सूर्यवंशी’ ने सबसे तेज शतक जड़ा। दिग्गज क्रिकेटर भी वैभव में भारत का भविष्य देख रहे हैं, वहीं अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वैभव सूर्यवंशी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘थैंक्स’ कहा। इस थैंक्स के नितांत गंभीर मायने हैं। वैभव के पिता भी बार बार बिहार क्रिकेट संघ का बखान करते नहीं थक रहे, जिसने बहुत कम उम्र में वैभव को बिहार से खेलने का मौका दिया।
वैभव की सफलता की कहानी दरअसल ‘नव बिहार’ के विहान की भी कहानी है। कभी जंगलराज, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, दंगों के लिए बदनाम रहने वाला बिहार आज ना केवल खेलों में परचम लहरा रहा है बल्कि अपनी आर्थिक तरक्की से चर्चा के केंद्रबिंदू में बना हुआ है।
बिहार आज देश के सबसे तेजी से विकास कर रहे राज्यों में दूसरे स्थान पर है। राज्य की अर्थव्यवस्था 14.50 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 66,828 रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। आईपीएल में वैभव ने बिहार की खेल प्रतिभा का दमखम तो दिखा ही दिया। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बिहार देश के खेल हब के रूप में अपनी एक नई पहचान गढ़ रहा है।
चंद दिनों बाद बिहार में पहली बार खेलों के महाकुंभ यानी ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ आयोजित होंगे। बिहार की धरती पर 28 राज्यों, 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 8500 खिलाड़ी जीत हार के लिए भिड़ेंगे। इस आयोजन के बहाने राज्य सरकार पांच शहरों पटना, राजगीर, गया, भागलपुर और बेगुसराय में खेलों के बुनियादी ढांचे को दुरूस्त कर रही है। लेकिन यह भी कम दिलचस्प नहीं कि बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स के आयोजन से पहले ही दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गए। पाटलिपुत्र खेल परिसर में उद्घाटना समारोह में प्रदर्शित की जाने वाली विश्व की सबसे बड़ी मधुबनी पेंटिंग को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। 18 फीट लंबी और चौड़ी इस पेंटिंग को प्राकृतिक रंगों से बनाया गया है।
दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड महाबोधि मंदिर में बनाया गया है। यहां 5-70 वर्ष की आयु वाले 375 भिक्षुओं द्वारा दुनिया का सबसे बड़ा गायन बाउल समूह बनाया गया। खेलो इंडिया यूथ गेम्स से पहले बिहार ने सफलतापूवर्क महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का भी आयोजन किया था। इस टूर्नामेंट में भारत, चीन, जापान, कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड की शीर्ष महिला हॉकी टीमें शामिल हुईं थीं। बिहार सरकार राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में खेलों के लिए ₹3,16,895 करोड़ रुपये आवंटित किया है जो गत वर्ष के मुकाबले ₹38,169 करोड़ अधिक है। नीतीश सरकार हर प्रमंडल में खेल अवसंरचना का विकास, पुनपुन में 100 एकड़ में अत्याधुनिक खेल प्रोजेक्ट की स्थापना और हर प्रखंड में आधुनिक आउटडोर स्टेडियम का निर्माण करेगी।

खेलों को एक व्यवस्थित और पेशेवर रूप देने के लिए बिहार सरकार ने बिहार खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की है। यह विश्वविद्यालय खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, कोचिंग और खेल मनोविज्ञान जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देगा। इससे खिलाड़ियों को पेशेवर प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय शिक्षा मिलेगी, खेल प्रबंधन, कोचिंग और स्पोर्ट्स साइंस में करियर के नए अवसर खुलेंगे और खेल चिकित्सा तथा स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। खेलों के जानकार भी यह मानते हैं कि इस विश्वविद्यालय से बिहार के खेल इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी।
सरकार एक तरफ बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है तो वहीं खेलों में भागीदारी बढ़ाने के लिए योजनाएं लागू कर रही है। पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में राज्य स्तरीय खेल अकादमियों की स्थापना की गई है, जहाँ आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यही नहीं, स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताएँ, मैराथन, फुटबॉल और क्रिकेट लीग्स का भी आयोजन किया जा रहा है। खेल स्कॉलरशिप और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ और अवसर मिल सकें।
हाल के वर्षों में बिहार के युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बिहार की महिला हॉकी खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में चयनित हुईं और एशिया कप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कबड्डी और एथलेटिक्स में बिहार के युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीते और राज्य के क्रिकेट खिलाड़ियों को आईपीएल और रणजी ट्रॉफी में अवसर मिले। बिहार सरकार और खेल संघों की ओर से इन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपने खेल कौशल को निखारकर देश और दुनिया में बिहार का नाम रोशन कर सकें।
इसमें कोई संदेह नहीं कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स सरीखे आयोजनों से ना केवल खिलाड़ियों को अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका मिलता है ब्लकि स्थानीय लोगों के रोजगार के दरवाजे खुलते हैं। महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2024 जैसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से राजगीर और उसके आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन, रेस्तरां और स्थानीय बाजारों को आर्थिक लाभ मिला। राज्य सरकार अब इस मॉडल को अन्य खेल आयोजनों में भी लागू करने की योजना बना रही है, जिससे बिहार में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
राजनीतिक रूप से काफी अहम प्रगति यात्रा के दौरान भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैमूर, जमुई समेत विभिन्न जिलों में एक दर्जन स्पोर्ट्स काम्पलेक्स बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बेतिया और सुपौल में स्टेडियम के आधुनिकीकरण, कटिहार में राजेन्द्र स्टेडियम को स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने का भी ऐलान किया है।
बिहार अब केवल ऐतिहासिक धरोहर और बौद्धिक ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2024 की सफल मेजबानी, बजट 2025-26 में खेलों के लिए ऐतिहासिक निवेश, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना और आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार, ये सभी पहल बिहार को एक प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहे हैं। अगर इन योजनाओं को सही तरीके से लागू किया गया और खेलों के प्रति यह प्रतिबद्धता बनी रही, तो आने वाले वर्षों में बिहार से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभरेंगे। यह न केवल राज्य के खेल परिदृश्य को बदलेगा, बल्कि भारत के खेल क्षेत्र में भी बिहार की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
(यह लेखक के निजी विचार हैं)
यह भी पढ़ें-
- AI se 1 lakh mahina kaise kamaye — वो 3 तरीके जो YouTube पर कोई नहीं बताता
- BYD Atto 3 2026 का बड़ा खुलासा — 630km Range और सिर्फ 9 मिनट में Full Charge, Nexon EV और MG ZS EV की अब खैर नहीं
- रोज 40km दिल्ली में चलाते हो? Petrol, CNG और EV का 5 साल का हिसाब देख लो — ₹3.67 लाख का फर्क है जो dealer कभी नहीं बताएगा petrol vs CNG vs EV running cost
- 2027 BMW 7 Series i7 रिवील: एक बार चार्ज करो और दिल्ली से मुंबई आधा रास्ता तय! देखें इस Neue Klasse डिज़ाइन का असली जादू।
- DU Research Big Reveal: क्या Ice Bath है एथलीटों के लिए ‘सुपर टॉनिक’? रिकवरी समय में 33% की भारी कटौती!






