Shark tank India से मिली 80 लाख की भारी भरकम फंडिंग
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
Shark tank India season 4: भारतीय फूड इंडस्ट्री में एक नया नाम तेजी से उभर रहा है — गांव (GAAV)। बिहार के चंपारण जिले से आए एक युवा उद्यमी आलोक रंजन ने इस अनूठे मल्टी-ब्रांड फूड स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसने शहरी भारत को गांव के असली स्वाद से रूबरू कराया।
शार्क टैंक इंडिया में आलोक की भावनात्मक कहानी और स्टार्टअप का मजबूत बिजनेस मॉडल देखकर जजेस ने ₹80 लाख की फंडिंग दी।
गांव का सपना: मिट्टी के स्वाद को शहरी थाली में लाना
जब आलोक रंजन दिल्ली आए, तो उन्हें यहां पिज्जा और बर्गर तो मिलते थे, लेकिन गांव का सादगीभरा स्वाद नहीं। मां के हाथ की लिट्टी चोखा, धीमी आंच पर बना मटन, और मसालेदार कढ़ी-चावल जैसे व्यंजन बस यादों में रह गए थे।
इस कमी को उन्होंने अवसर में बदला और 2017 में ‘गांव’ नामक क्लाउड किचन की शुरुआत की।
धीरे-धीरे यह एक मल्टी-ब्रांड फूड कंपनी बन गई, जो बिहारी, राजस्थानी और अवधी क्यूज़ीन को आधुनिक और हेल्दी रूप में ग्राहकों तक पहुंचा रही है।
गांव के चार अनूठे ब्रांड्स
गांव (GAAV) – भारतीय स्वाद का मुख्य द्वार
‘गांव’ ब्रांड का उद्देश्य है — “हर शहर में कम से कम एक गांव हो”। यह ब्रांड मुख्यतः शुद्ध देसी व्यंजनों जैसे लिट्टी-चोखा, दाल-भात-भुजिया, मसालेदार कढ़ी और मिठाइयों की पेशकश करता है।
- मुख्य डिश: चार तरह की लिट्टी – आलू, पनीर, मिक्स सब्ज़ी और सिग्नेचर मसाला
- किचन लोकेशन: चार क्लाउड किचन – सभी दिल्ली-एनसीआर में
- ऑर्डर वैल्यू: ₹375 एवरेज
- स्पेशल: नॉन-फ्राइड रोस्टेड लिट्टी, हाई प्रोटीन बेस्ड कढ़ी और हेल्दी मिठाइयां

चंपारण मीट कंपनी – नॉनवेज प्रेमियों के लिए खास
यह ब्रांड बिहार के पारंपरिक चंपारण हांडी मटन को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका फोकस हाई-क्वालिटी मीट और प्रामाणिक बिहारी मसालों पर है।
- फोकस: नॉनवेज स्पेशलिटीज
- हीरो प्रोडक्ट: चंपारण मटन, मटन बिरयानी, अंडा करी
- ऑर्डर वैल्यू: ₹675 एवरेज
- क्वालिटी: खांसी (बकरी का सॉफ्ट मटन) का इस्तेमाल — जो सामान्य से महंगा, लेकिन प्रीमियम होता है
तिरहुत – स्नैक्स बाजार का हेल्दी फेस
‘तिरहुत’ ब्रांड अभी लॉन्च नहीं हुआ है, लेकिन इसका कॉन्सेप्ट बेहद इनोवेटिव है। इसका उद्देश्य है मोमोज और समोसे का हेल्दी बिहारी विकल्प पेश करना — बाइट साइज लिट्टी के रूप में।
- विजन: “मोमो नहीं, अब कहो – छह लिट्टी और चटनी देना”
- प्रोडक्ट: हाई-प्रोटीन मिनी लिट्टी, लिट्टी चाट, लिट्टी पाव
- प्रोडक्ट ट्रायल: पहले से हजारों लोगों को भेजकर लिया गया फीडबैक
- फ्यूचर: ऑटोमेटेड मशीन से हर लिट्टी का साइज, भरावन और क्वालिटी एक जैसी रखने की योजना
दमारा – भारत की बिरयानी को नया स्वाद
दमारा एक बिरयानी-केंद्रित ब्रांड है, जो पूरे भारत के अलग-अलग क्षेत्रीय फ्लेवर वाली बिरयानियों को आधुनिक क्लाउड किचन मॉडल के जरिए परोसने का सपना देखता है।
- फोकस: बिरयानी बेस्ड ऑथेंटिक मील्स
- डिशेज़: बिहारी बिरयानी, अवधी बिरयानी, राजस्थानी ट्विस्टेड बिरयानी
- यूएसपी: गर्म खाने की होम डिलीवरी, फ्रीज नहीं किया जाता
बिजनेस ग्रोथ: 0 से 7.5 करोड़ तक का सफर
| वर्ष | कुल रेवेन्यू |
| 2020-21 | ₹0 लाख |
| 2021-22 | ₹1.62 करोड़ |
| 2022-23 | ₹3.86 करोड़ |
| 2023-24 | ₹5.5 करोड़ |
| 2024-25 (टारगेट) | ₹7.5 करोड़ |
- नेट प्रॉफिट मार्जिन: 7%
- लास्ट मंथ रेवेन्यू: ₹49 लाख
- चारों ब्रांड का ऑर्डर प्लेटफॉर्म: Swiggy, Zomato (रेटिंग 4+)
क्लाउड किचन मॉडल: कम लागत, अधिक स्केलेबिलिटी
- SOPs: प्रत्येक रेसिपी के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर
- हब एंड स्पोक मॉडल: एक बड़ा मेन किचन, उससे जुड़े चार क्लाउड किचन
- स्टाफ: हर रेसिपी के लिए उसी राज्य से कुशल कुकिंग स्टाफ
- वेंडर बैकअप: एक सामग्री के लिए 3-4 बैकअप सप्लायर
शार्क टैंक में क्या हुआ?
- डिमांड: ₹80 लाख फॉर 4% इक्विटी
- फाइनल डील: ₹80 लाख फॉर 8% इक्विटी (विनीता सिंह + नमिता ठाकुर + अमन गुप्ता की साझेदारी में)
- इंप्रेशन: तीनों शार्क्स ने कहा – “आप रीजनल इंडिया को ग्लोबल बनाने का सपना जी रहे हैं”
भविष्य की योजना
- हर शहर में एक गांव ब्रांड खोलना
- देशभर में लिट्टी की पहचान को समोसे, मोमोज जैसे स्नैक्स के विकल्प के रूप में स्थापित करना
- 2026 तक ₹100 करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य
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