हुमायूं के मकबरे के उत्तर में एक अहाता है जो बड़े बताशे वाला महल के रूप में जाना जाता है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के अधीन आने वाले कुछ स्मारकों में सबसे बड़ा स्मारक बताशेवाला महल (History OF Bara_Batashewala)। इस महल में अकबर के दामाद मिर्जा मुज्जफर हुसैन को दफनाया गया था। सन 1603 आस पास अकबर की छोटी बेटी सुल्तान खानम से मिर्जा मुज्जफर की शादी हुई थी। मिर्जा मुज्जफर हुमायूं के भाई मिर्जा कामरान का बेटा था। इस महल की दीवारें अनगढ़ पत्थरों से निर्मित है। आगा खां ट्रस्ट के रतीश नंदा बताते हैं कि यह अष्ट विहिष्ट वास्तुकला का सुंदर नमूना है। इस वास्तुकला का जिक्र कुरान में भी है।
यह स्मारक एक ही तल पर बनाया गया है। इस स्मारक में आठ कमरे बनवाए गए और नौंवे कमरे में मिर्जा मुज्जफर की कब्र बनाई गई। यह स्मारक चारों तरफ से बराबर बनाई गई है। एक उठे हुए चबूतरे पर खड़ा है जिसकी प्रत्येक दिशा में पांच पांच मेहराबे हैं और मध्य में खूबसूरत मेहराबी छत वाला का कमरा है। इनमें से दो मेहराब पर गोलाकार निर्माण हैं जिसमें कुरान की आयतें भी लिखी गई हैं। मुगल काल के स्मारकों में से एक है बड़ा बताशे वाला महल। इसके के पास एक छोटा महल भी है लेकिन इस महल में कौन दफन है इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि इसे बताशे वाला महल क्यों कहते हैं? इस संबंध में इतिहासकारों को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।