-नेटफ्लिक्स पर 20 जुलाई को दिल्ली के कातिल पर आ रही द बुचर आफ देलही

खूनी कत्ल की दास्तान आदर्श नगर इलाके से शुरु हुई थी  

वो दिन दिल्ली के लिए दहशत भरे दिन थेे। यहां की फिजाओं में तनाव का असर साफ देखा जा सकता था। ऐसा हो भी क्यों नहीं, जब शहर के एक के बाद एक लाश मिले तो भला किसका मन निश्चिंत रहे। कौन काट रहा था लोगों के सिर, आखिर क्यों? वो सालों तक लोगों के सिर काटता रहा। सिरकटी लाश सीधे ले जाकर तिहाड़ जेल के बाहर फेंक देता। साथ में छोड़ देता एक पत्र। जिसमें पुलिस को खुली चुनौती देते हुए लिखा होता कि पकड़ सको तो पकड़ लो।

एक रोज कड़ी मशक्कत के बाद वो पकड़ा गया। लेकिन हैरतंगेज तरीके से एक दिन छूट भी गया। उसके छूटते ही तिहाड़ के बाहर एक बार फिर सिर कटी लाश मिलने का सिलसिला शुरू हो गया

पहली बार 1998 में मिली लाश

यह 1998 की बात है। पहली बार इसी साल तिहाड़ जेल के पास एक लाश मिली। उस समय पुलिस भी नहीं समझ पायी कि एक सीरियल किलर से उसका पाला पड़ा है। उसके बाद जेल के आसपास अचानक सिर कटी लाशें मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस इस बात से बहुत परेशान थी। आखिर कौन था जोे कत्ल के बाद बगैर सिर के लाश को जाकर तिहाड़ जेल के पास फेंक देता।

इस तरह मिली थी लाशें

खूनी कत्ल की दास्तान आदर्श नगर इलाके से शुरु हुई थी। 1998 में पहली सिर कटी लाश मिली। दूसरी सिर कटी लाश 27 जून 2003 को अलीपुर में, तीसरी सिर कटी लाश 20 नवंबर 2003 को तिहाड़ जेल के गेट नंबर 1 के सामने, चौथी सिर कटी लाश 2 नवंबर 2005 को मंगोलपुरी में, पांचवीं सिरकटी लाश 20 अक्टूबर 2006 को तिहाड़ जेल के गेट नंबर-3 के सामने, छठी सिरकटी लाश 25 अप्रैल 2007 को तिहाड़ जेल के गेट नंबर-3 के सामने और सातवीं सिरकटी लाश 18 मई 2007 को फिर से तिहाड़ के गेट नंबर-3 के सामने बरामद हुई। पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी।

अब आ रही वेब सीरीज

नेटफ्लिक्स पर 20 जुलाई को क्राइम डॉक्यूमेंट्री सीरीज इंडियन प्रिडेटर- द बुचर आफ देेहली आ रही है।यह सीरीज दिल्ली केे बेरहम कातिल पर आधारित है। यह हत्यारा लाश के साथ एक पत्र छोड़ता था। जिस पर लिखा होता था कि वो दिल्ली पुलिस को चुनौती दे रहा है कि पकड़ ले। इतना ही नहीं वह लिखता कि वो पुलिस को जीजा और बाप है।

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