Online Gaming Bill 2025
Online Gaming Bill 2025

भारत बनेगा Responsible Gaming का वैश्विक नेता

संजीव कुमार मिश्र, नई दिल्ली।

Online Gaming Bill 2025 मोदी सरकार का बड़ा फैसला है, जो भारत को e-sports in India का ग्लोबल हब बनाने और online gambling ban के जरिए समाज को सुरक्षित करने का रास्ता तय करता है। इस कानून के तहत युवाओं को ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक-शैक्षिक गेम्स में अवसर मिलेंगे, वहीं online money games ban लगाकर पूरे देश में सट्टेबाजी और जुए पर सख्ती होगी।

डिजिटल इंडिया के नए युग की शुरुआत

पिछले एक दशक में Digital India ने देश की तस्वीर बदली है। UPI, 5G और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने भारत को टेक्नोलॉजी का पावरहाउस बनाया है। अब Modi government ने गेमिंग सेक्टर को रेगुलेट करने और युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 पेश किया है।

ई-स्पोर्ट्स को खेल का दर्जा

  • ई-स्पोर्ट्स अब भारत में एक आधिकारिक खेल के रूप में मान्यता पाएंगे।
  • खेल मंत्रालय ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए नियम और मानक तय करेगा।
  • ई-स्पोर्ट्स अकादमियां और रिसर्च सेंटर स्थापित होंगे।
  • युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

शिक्षा और संस्कृति से जुड़े गेम्स को बढ़ावा

सरकार केवल प्रतियोगी खेल ही नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक गेम्स को भी प्रोत्साहन देगी।

  • MeitY और Information & Broadcasting Ministry ऐसे गेम्स को सपोर्ट करेंगे जो भारतीय संस्कृति, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े हों।
  • बच्चों और युवाओं के लिए सुरक्षित व आयु-उपयुक्त गेमिंग कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा।

ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह प्रतिबंध

Online gambling ban इस बिल का सबसे अहम हिस्सा है।

  • रमी, पोकर, ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स और लॉटरी जैसे सभी money games बैन होंगे।
  • बैंकों और पेमेंट गेटवे को इन गेम्स से जुड़े लेन-देन प्रोसेस करने से रोका जाएगा।
  • टीवी, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में इनके विज्ञापनों पर भी सख्त रोक होगी।
  • कानून तोड़ने वालों पर कड़ी सजा और भारी जुर्माना:
    • मनी गेम चलाने पर 3 साल कैद और ₹1 करोड़ जुर्माना।
    • विज्ञापन करने पर 2 साल कैद और ₹50 लाख जुर्माना।
    • बार-बार अपराध करने पर 5 साल कैद और ₹2 करोड़ जुर्माना।

राष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण

केंद्र सरकार एक Online Gaming Authority बनाएगी जो:

  • ऑनलाइन गेम्स का पंजीकरण और श्रेणीकरण करेगी।
  • यह तय करेगी कि कौन सा गेम money game है।
  • शिकायतों का निपटारा करेगी।
  • सुरक्षित और जिम्मेदार गेमिंग के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी।

क्यों है ज़रूरी यह कानून?

Online money games युवाओं को लत, कर्ज और आर्थिक संकट की ओर धकेल रहे हैं। कई मामलों में परिवारों की बर्बादी और आत्महत्याओं की घटनाएं भी सामने आई हैं। साथ ही, इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए किया जा रहा था। Online Gaming Bill 2025 इन खतरों पर रोक लगाने के लिए तैयार किया गया है।

भारत को मिलेगी वैश्विक पहचान

यह बिल भारत को responsible gaming innovation में अग्रणी बनाएगा।

  • Creative Economy Growth: गेम डेवलपमेंट, रिसर्च और एक्सपोर्ट में वृद्धि।
  • Youth Empowerment: ई-स्पोर्ट्स और स्किल-बेस्ड गेम्स से नए अवसर।
  • Safe Families: जुए और सट्टे के जाल से मुक्ति।

Q&A

Q1. Online Gaming Bill 2025 क्यों लाया गया है?
A-युवाओं और परिवारों को online money games ban के जरिए आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचाने और e-sports in India को बढ़ावा देने के लिए यह बिल लाया गया है।

Q2. क्या ई-स्पोर्ट्स को खेल का दर्जा मिलेगा?
A-हाँ, ई-स्पोर्ट्स अब भारत में आधिकारिक खेल होंगे और खेल मंत्रालय इसके लिए नियम तय करेगा।

Q3. किन गेम्स पर प्रतिबंध लगेगा?
A-पोकर, रमी, फैंटेसी स्पोर्ट्स, ऑनलाइन लॉटरी और सट्टा जैसे सभी online gambling ban के तहत आएंगे।

Q4. अपराध करने वालों को क्या सजा मिलेगी?
A-ऑनलाइन मनी गेम चलाने पर 3 साल तक की कैद और ₹1 करोड़ तक जुर्माना हो सकता है। बार-बार अपराध करने वालों को 5 साल कैद और ₹2 करोड़ जुर्माना।

Q5. इस बिल से भारत को क्या फायदा होगा?
A-भारत एक responsible gaming hub बनेगा, युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और समाज को सुरक्षित डिजिटल वातावरण मिलेगा।

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