ट्रैफिक नियमों को लेकर लगातार परिवहन मंत्रालय चला रहा अभियान
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
अक्सर जब हम जल्दी में होते हैं या गर्मियों का मौसम होता है, तो जूते पहनने के बजाय चप्पल (Flip-flops) या सैंडल पहनकर ही गाड़ी निकालना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सड़क पर खड़ा ट्रैफिक पुलिसकर्मी सिर्फ आपकी चप्पल देखकर आपका चालान काट सकता है? इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सालों से यह बहस चल रही है कि चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना गैर-कानूनी है। कई लोग तो भारी-भरकम जुर्माने के डर से अपनी कार में हमेशा एक जोड़ी जूते एक्स्ट्रा रखते हैं।
हाल ही में इस मुद्दे पर फिर से चर्चा शुरू हुई है क्योंकि बहुत से राज्यों में ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सख्ती बढ़ाई है। लेकिन क्या वास्तव में भारतीय कानून यानी ‘मोटर व्हीकल एक्ट’ (Motor Vehicles Act) में ऐसा कोई नियम है? या फिर यह सिर्फ एक अफवाह है जो लोगों के बीच डर पैदा कर रही है? आज हम इस रिपोर्ट में आपको वो सच बताएंगे जो हर भारतीय ड्राइवर और राइडर को पता होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस पर अपनी बात साफ कर दी है, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।
क्या कहता है कानून? (What the Motor Vehicle Act Says)
सच्चाई यह है कि Motor Vehicles Act, 1988 में कहीं भी स्पष्ट रूप से यह नहीं लिखा है कि चप्पल या फ्लिप-फ्लॉप पहनकर गाड़ी चलाना एक अपराध है।
- नितिन गडकरी का स्पष्टीकरण: साल 2019 में ही सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर साफ किया था कि चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने, आधी बांह की शर्ट पहनने या लुंगी-बनयान पहनकर गाड़ी चलाने पर कोई चालान नहीं है।
- अफवाहों का बाजार: यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इसके लिए ₹1000 का जुर्माना तय किया गया है। कानून के पन्नों में ऐसा कोई विशेष क्लॉज (Clause) नहीं है।
फिर पुलिस चालान क्यों काटती है?
भले ही सीधे तौर पर चप्पल पहनने पर पाबंदी न हो, लेकिन ट्रैफिक पुलिस एक अलग तरीके से आपकी जेब ढीली कर सकती है।
- Dangerous Driving (धारा 184): अगर पुलिस को लगता है कि आपकी चप्पल की वजह से आपकी पकड़ पैडल (Brake or Accelerator) पर कमजोर है और इससे दुर्घटना हो सकती है, तो वे इसे ‘खतरनाक ड्राइविंग’ की श्रेणी में रख सकते हैं।
- कंट्रोल की कमी: खासकर टू-व्हीलर (Bike/Scooter) चलाते समय चप्पल फिसलने का डर ज्यादा रहता है। अगर राइडर की चप्पल की वजह से गाड़ी का बैलेंस बिगड़ता है, तो पुलिस सुरक्षा के नियमों का हवाला देते हुए चालान कर सकती है।
चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना खतरनाक क्यों है?
कानून चाहे जो भी कहे, लेकिन एक्सपर्ट्स हमेशा जूते (Shoes) पहनने की सलाह देते हैं। इसके पीछे कुछ ठोस कारण हैं:
- Pedal Slip: चप्पल में पसीना आने या गीली होने पर ब्रेक या क्लच से पैर फिसल सकता है।
- Stuck Footwear: कई बार ढीली चप्पल पैडल के नीचे फंस जाती है, जिससे अचानक ब्रेक लगाना नामुमकिन हो जाता है।
- Reaction Time: जूतों की तुलना में चप्पल पहनकर पैडल बदलने में कुछ मिलीसेकंड्स का ज्यादा समय लगता है, जो आपातकालीन स्थिति में जानलेवा साबित हो सकता है।
निष्कर्ष यह है कि तकनीकी रूप से driving in flip flops challan in India जैसी कोई बात कानून में नहीं है। अगर कोई पुलिसकर्मी सिर्फ चप्पल पहनने के नाम पर आपका चालान काटता है, तो आप नियम का हवाला दे सकते हैं। हालांकि, अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए ‘सेफ ड्राइविंग’ ही सबसे बड़ा नियम है। सड़क पर चलते समय ग्रिप और कंट्रोल सबसे ज्यादा जरूरी हैं, जो केवल जूते ही दे सकते हैं। इसलिए, चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए हमेशा सही फुटवियर का चुनाव करें।
Q&A Section (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या कार चलाते समय चप्पल पहनना अवैध है?
नहीं, भारत के मोटर व्हीकल एक्ट में चप्पल पहनकर कार चलाने पर कोई कानूनी रोक या जुर्माना नहीं है।
Q2. क्या टू-व्हीलर पर सैंडल पहनकर चालान कट सकता है?
नहीं, लेकिन गियर वाली बाइक चलाते समय बेहतर नियंत्रण के लिए जूते पहनना अनिवार्य नहीं तो भी ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ माना जाता है।
Q3. क्या पुलिस खतरनाक ड्राइविंग के नाम पर जुर्माना लगा सकती है?
जी हाँ, यदि आपकी चप्पल की वजह से गाड़ी अनियंत्रित होती है, तो पुलिस ‘धारा 184’ के तहत कार्रवाई कर सकती है।
Q4. क्या आधी बांह की शर्ट पहनने पर भी चालान है?
नहीं, यह भी एक अफवाह है। कपड़ों या जूतों को लेकर कोई ड्रेस कोड निजी वाहनों के लिए नहीं है।
Q5. सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कौन से जूते सबसे अच्छे हैं?
पतले तलवे वाले स्नीकर्स या स्पोर्ट्स जूते सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि वे पैडल पर सही फीडबैक और ग्रिप देते हैं।
- PM MODI की अपील के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान! अब हफ्ते में 2 दिन Work From Home, प्राइवेट सेक्टर के लिए भी बदले नियम
- National Technology Day 2026 — 1998 के Pokhran से 2026 के AI तक India ने क्या-क्या जीता? Youth के लिए 5 Career-Changing Opportunities
- Second Hand SUV 2026: क्यों है यह साल की सबसे Smart Deal? ₹8 लाख में उठाएं ₹18 लाख वाला मजा!
- Tata Sierra EV vs Safari EV: एक ही घर के दो भाई, ₹17 लाख के बजट में कौन बनेगा ‘Boss’?
- Maruti Swift Hydrogen का धमाका: क्या पेट्रोल-CNG का खेल खत्म? Vienna में दिखा Future!






