कश्मीरी दरवाजे के बाहर कुदसिया बाग के सामने अलीपुर रोड पर जो छोटा बाग है, वह निकलसन पार्क कहलाता था। यह सन 1861 में बना था। अब उसका नाम तिलक बाग है। यहां निकलसन का बुत लगाया गया था, जिसका उद्घाटन लार्ड मिंटो ने 6 अप्रैल 1906 को किया था।

निकलसन ने 14 सितंबर 1857 के दिन कश्मीरी दरवाजे की ओर से दिल्ली पर हमला किया था। काबुली दरवाजे पर हमला करते समय उसके गोली लगी और 23 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई। इस पार्क के साथ वाले कब्रिस्तान में उसे दफन किया गया।

उसका बुत हाथ में तलवार लिए कश्मीरी दरवाजे की ओर मुंह करके, एक ऊंचे चबूतरे पर खड़ा किया गया था। लड़ाई के वक्त वह जो कोट पहने था, उसे लाल किले में प्रदर्शन के लिए रखा गया था। कश्मीरी गेट की फसील के साथ जो सड़क गई है, उसका नाम निकलसन रोड रखा गया था। निकलसन को दिल्ली का विजेता घोषित किया गया था। अब वह बुत वहां से हटा दिया गया है।

ग्रेसिया पार्क :

यह कश्मीरी दरवाजे के पास जेम्स चर्च के सामने सिंघाड़े पर बना हुआ है। 1905 में यह बना था। इसे यहां के डिप्टी कमिश्नर ने अपनी पत्नी की याद में बनवाया था।

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