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नेहरू राज में नौकरशाही और सरकार की वो गुप्त बैठक, जिसका जिक्र कहीं नहीं...

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अधिकारी ने कहा कि अगर ऊपर से दबाव ना हो तो कोई आफिसर ना करे गलत काम -गृह सचिव ने नेहरू पर कसा तंज, कहा-वो...

राष्ट्रवाद के निर्माण में मीडिया की भूमिका     

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पूरी दुनिया में मीडिया , पत्रकारिता और समाचार की हालत ठीक नहीं लेखिका: मोनिका दुबे हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय  उपनिवेशवाद के विरुद्ध संघर्ष का एक महत्वपूर्ण प्रतिवाद...
भारतीय आम चुनाव 1967

भारतीय आम चुनाव 1967: कांग्रेस के वर्चस्व को मिली चुनौती

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भारतीय आम चुनाव 1967: चौथे आम चुनाव 1967 में हुए जिसमें पहली बार कांग्रेस के वर्चस्व को चुनौती मिली। कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत तो...

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 को विस्तार से समझिए India Pakistan War 1965 History In Hindi

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हमलावर मिशनरी भावना से अपने मकसद में जुटे हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि स्थानीय जनता से भी उन्हें भरपूर सहयोग मिलेगा, जिसे वे 'आजाद' करवाने आए थे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कश्मीरी इन घुसपैठियों की बातों में नहीं आए और इनसे दूर ही रहे। 8 अगस्त को घुसपैठिए श्रीनगर के बाहरी इलाकों तक पहुँच गए तो राज्य सरकार के हाथ-पाँव फूल गए। उसने भारत सरकार को राज्य में मार्शल लॉ लगाने का सुझाव दिया। केन्द्र ने इस सुझाव पर अमल करते हुए सेना को पूरे कश्मीर को अपने नियंत्रण में ले लेने के लिए कहा। लेकिन सेना के कमांडरों ने केन्द्र सरकार को ऐसा कोई कदम न उठाने की सलाह दी और उसे भरोसा दिलाया कि हालात इतने खराब नहीं थे जितने राज्य सरकार दिखाने की कोशिश कर रही थी।

why novel lolita not ban in india 40 साल के अधेड़ की 12 वर्षीय...

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हाइलाइट्स लोलिता किताब की अब तक 5 करोड़ कापियां बिक चुकी हैंदुनिया की छह सबसे ज्यादा विवादास्पद किताब में शामिललाल बहादुर शास्त्री ने किताब बैन...

पुलिस बल में ‘आधी आबादी’ की बढनी चाहिए हिस्सेदारी

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देशभर के पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या केवल 11.75 प्रतिशत भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां महिलाओं के नाम के साथ ‘देवी’...

वैलेंटाइन डे का इतिहास, हम क्यों मनाते हैं

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चाहे आप वैलेंटाइन डे मनाएं या नहीं लेकिन यह तो पता होना ही चाहिए कि वैलेंटाइन डे का इतिहास बहुत पुराना है। यह और...

थियेटर करना चाहते थे मोहम्मद अली जिन्ना, पिता से कहा था-वकालत में अनिश्चितता है

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इंग्लैंड में प्रवास के दौरान माेहम्मद अली जिन्ना (muhammad ali jinnah) ने कानून की पढ़ाई का फैसला किया। फरवरी 1893 में 'लिंकन्स इन' में...

पार्ट-5- शास्त्री जी के आखिरी शब्द थे..डॉक्टर साहब कहां हैं

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कुलदीप नैयर अपनी किताब में ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री जी की आखिरी रात के बारे में विस्तार से लिखा है। उन्होंने लिखा कि...

लाल बहादुर शास्त्री ने क्यों कहा- एक क्लर्क बनकर रह गया हूं lal bahadur...

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सियासी गलियारे की एक नई कहानी लेकर हम हाजिर हैं। एक बार जब नेहरू (jawaharlal nehru) ने शास्त्री (lal bahadur shastri) को सदन का...

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