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भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 को विस्तार से समझिए India Pakistan War 1965 History In Hindi

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हमलावर मिशनरी भावना से अपने मकसद में जुटे हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि स्थानीय जनता से भी उन्हें भरपूर सहयोग मिलेगा, जिसे वे 'आजाद' करवाने आए थे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कश्मीरी इन घुसपैठियों की बातों में नहीं आए और इनसे दूर ही रहे। 8 अगस्त को घुसपैठिए श्रीनगर के बाहरी इलाकों तक पहुँच गए तो राज्य सरकार के हाथ-पाँव फूल गए। उसने भारत सरकार को राज्य में मार्शल लॉ लगाने का सुझाव दिया। केन्द्र ने इस सुझाव पर अमल करते हुए सेना को पूरे कश्मीर को अपने नियंत्रण में ले लेने के लिए कहा। लेकिन सेना के कमांडरों ने केन्द्र सरकार को ऐसा कोई कदम न उठाने की सलाह दी और उसे भरोसा दिलाया कि हालात इतने खराब नहीं थे जितने राज्य सरकार दिखाने की कोशिश कर रही थी।

जब देश के गृहमंत्री के लेट पहुंचने के कारण नाराज हुए राष्ट्रपति

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गृहमंत्री जीबी पंत अक्सर कहीं किसी से मिलनेे या वैसे भी पहुंचने में लेेट हो जाते थे। वो कोशिश तो पूरी करते थे कि...

भारत-चीन युद्ध से बहुत पहले सेना प्रमुख ने सरकार को लिखा था पत्र, कहा...

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भारत-चीन युद्ध से पहले का घटनाक्रम भी कम महत्त्वपूर्ण नहीं था। कुलदीप नैयर ने अपनी किताब एक जिंदगी काफी नहीं में इस पर विस्तार...

रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन ने क्याें कहा-सीने में दफन कर लूंगा अपनी कहानी, नहीं...

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चीन ने 21 नवंबर 1962 की रात एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा कर दी। इसके बाद रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन ने सरकार से इस्तीफा...

पुलिस बल में ‘आधी आबादी’ की बढनी चाहिए हिस्सेदारी

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देशभर के पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या केवल 11.75 प्रतिशत भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां महिलाओं के नाम के साथ ‘देवी’...

जब नेहरू से मिलने के लिए शास्त्री को करना पड़ा एक घंटे से अधिक...

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यह राजनीतिक किस्सा तब का है जब कुलदीप नैयर, पंडित जवाहर लाल नेहरू (jawaharlal nehru) के सूचना अधिकारी थे। उन्होने लिखा है कि 1963...

जब आधी रात दिल्ली की सड़कों पर बेघरों को कंबल बांटने निकले नेहरू ने...

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पंडित जवाहर लाल नेहरू (jawaharlal nehru) से जुड़े कई किस्से राजनीतिक गलियारों में कहे और सुनाए जाते हैं। सियासी किस्सों को आप तक पहुंचाने...

भारतीय साहित्य के प्रमुख लेखक और उनकी कालजयी रचनाएं

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आधुनिक साहित्य में नई सोच के प्रतीक दी यंगिस्तान, नई दिल्ली। भारतीय साहित्य अपने अद्वितीय योगदान और बहुरंगी विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्राचीन...

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2022: प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठते समय शास्त्री ने कही...

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Lal Bahadur Shastri Jayanti 2022: पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद कुलदीप नैयर द्वारा यूएनआइ पर मोरारजी की दावेदारी की खबर चलाते...

जब बढ़ने लगी दिल्ली-श्रीनगर के बीच की दूरी, शेख अब्दुल्ला ने नेहरू का कान...

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4 जुलाई 1952 में हुए 'दिल्ली समझौते' के बाद नेहरू और शेख अब्दुल्ला के बीच दूरियाँ पैदा होने लगी थीं। इस समझौते में कई...

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