Uncategorized

Home Uncategorized Page 5

जब ज्योतिषी की सलाह पर नेहरू ने की शास्त्री जी का नाम कैबिनेट से...

0
एक बार पंडित जवाहर लाल नेहरू की तबियत बिगड़ गई। इंदिरा गांधी ने तीन मूर्ति (नेहरू का वास-स्थान) में नेहरू की लम्बी उम्र के...

जब एक छोटी सी खबर के चलते प्रधानमंत्री बनने से चूक गए मोरारजी देसाई

0
पंडिज जवाहर लाल नेहरू का पार्थिव शरीर (jawaharlal nehru death) अभी उनके घर पर ही रखा हुआ था कि उनके उत्तराधिकार का प्रश्न उठ...

सुशासन के लिए अमृत महोत्सवी संकल्पों के अटल मायनें

0
शेषमणी साहू आज 16 अगस्त को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं लोकप्रिय नेता श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की पुण्यतिथि है भारत सरकार ने नागरिकों...

भारतीय साहित्य के प्रमुख लेखक और उनकी कालजयी रचनाएं

0
आधुनिक साहित्य में नई सोच के प्रतीक दी यंगिस्तान, नई दिल्ली। भारतीय साहित्य अपने अद्वितीय योगदान और बहुरंगी विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्राचीन...

पुलिस बल में ‘आधी आबादी’ की बढनी चाहिए हिस्सेदारी

0
देशभर के पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या केवल 11.75 प्रतिशत भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां महिलाओं के नाम के साथ ‘देवी’...

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 को विस्तार से समझिए India Pakistan War 1965 History In Hindi

0
हमलावर मिशनरी भावना से अपने मकसद में जुटे हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि स्थानीय जनता से भी उन्हें भरपूर सहयोग मिलेगा, जिसे वे 'आजाद' करवाने आए थे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कश्मीरी इन घुसपैठियों की बातों में नहीं आए और इनसे दूर ही रहे। 8 अगस्त को घुसपैठिए श्रीनगर के बाहरी इलाकों तक पहुँच गए तो राज्य सरकार के हाथ-पाँव फूल गए। उसने भारत सरकार को राज्य में मार्शल लॉ लगाने का सुझाव दिया। केन्द्र ने इस सुझाव पर अमल करते हुए सेना को पूरे कश्मीर को अपने नियंत्रण में ले लेने के लिए कहा। लेकिन सेना के कमांडरों ने केन्द्र सरकार को ऐसा कोई कदम न उठाने की सलाह दी और उसे भरोसा दिलाया कि हालात इतने खराब नहीं थे जितने राज्य सरकार दिखाने की कोशिश कर रही थी।

भारत-चीन युद्ध के दौरान सेना प्रमुख जनरल थापर को इस तरह देना पड़ा इस्तीफा,...

0
भारत चीन युद्ध (india china war) के दौरान जब 19 नवम्बर, 1962 को बोम्डी-ला की चौकियाँ भी हाथ से निकल गई तो जनरल थापर...

जब शायलॉक बने लालू यादव

0
बिहार की राजनीति (Bihar Politics) लालू यादव (Lalu prasad yadav) के बिना अधूरी है। यह लालू यादव की राजनीतिक (Indian Politics) सुझबूझ का ही...

भ्रम पाले हुआ था पाकिस्तान, भारत के इस कदम से छूट गए थे पसीने...

0
Bangladesh Liberation War 26 मार्च 1971 पूर्वी पाकिस्तान ने 'बांग्लादेश' के रूप में अपने आपको एक स्वतंत्र देश घोषित किया। इसके बाद जो हालात...

Bangladesh hindus: बांग्लादेश में हिंदुओं पर कहर

0
पिछले एक दशक में बांग्लादेश में हिंदूओं की आबादी में हुई कम लेखक- अरविंद जयतिलक(वरिष्ठ स्तंभकार) bangladesh hindus: बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा के...

Don't Miss