यह बात तब की है जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री (PM Indira Gandhi) बन चुकी थी। 1, सफदरजंग रोड निवास पर रहती थी, और उसके साथ ही लगे 1, अकबर रोड को उन्होंने ऑफिस में तब्दील कर लिया। उस समय कोई ख़ास सुरक्षा-व्यवस्था भी नहीं रहती थी, और आवास के दरवाजे भी खुले ही रहते थे। लॉन में आकर जान-पहचान के लोग जैसे खुशवंत सिंह, पुपुल जयकर आदि बैठे रहते थे। इटली -मेड एक और चीज उन दिनों भारत आयी। लंब्रेटा स्कूटर यह स्कूटर इटली ने बनाना बंद किया तो स्विट्ज़रलैंड ने शुरू कर दिया। लम्ब्रेटा भारत के लिये अनफिट थी। मौके-बेमौके खराब हो जाती । राजीव (Rajiv gandhi) के पास यही स्कूटर थी। इसी पर बिठा कर सोनिया (Sonia Gandhi) को घुमाने इंडिया गेट (India gate) जाते। संजय (Sanjay Gandhi) और अमिताभ (Amitabh Bachchan) भी साथ जाते। सोनिया अपने संस्मरण में लिखती हैं कि वे लोग अक्सर इस स्कूटर को कुछ दूर धक्का देते, तब जाकर स्टार्ट होती।

सोनिया बोलती कम ही थी, और पूरी गृहिणी बन गयी थी । खाना बनाने का शौक था, तो रसोई में ही व्यस्त रहती। दो बच्चे भी हो गए, तो उनका पालन-पोषण और भी व्यस्त रखता। और फिर इंदिरा गांधी की साड़ी वगैरह की खरीद । बल्कि उस वक्त इतनी सेलिब्रिटी वाली बात नहीं थी, तो सोनिया खुद ही खान मार्केट से सब्जियां भी खरीद लाती थी। राजीव इंडियन एयरलाइंस में सह-पायलट लग गए थे, तो हफ्ते में दो-तीन दिन गायब ही रहते। राजनीति सोनिया के इर्द-गिर्द चल ही रहा होता, लेकिन भारतीय राजनीति समझना कहां आसान है।

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