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1857 की क्रांति: ‘दिल्ली फतह हो गई, हिंदुस्तान बचा लिया गया। कितने में? केवल...

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1857 का गदरः दिल्ली ने जिस दिन मौत का तांडव देखा था  अंग्रेजों के विरुद्ध भारतीय स्वाधीनता की पहली लड़ाई, जिसे अंग्रेजों ने बगावत और...

दिल्ली में कोतवाली की परंपरा

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गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार दिल्ली पुलिस की परेड में दिखेंगी केवल महिलाएं मोटापे के चलते नसरत खां को बनाया गया कोतवाल गणतंत्र दिवस समारोह...

दिल्ली के पहले अष्टभुजाकार मकबरे का इतिहास Tomb Of Tilangani

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निजामुद्दीन (nizamuddin) क्षेत्र के उत्तर- पश्चिमी कोने में फिरोजशाह तुगलक के वजीरे आजम खाने जहां तिलंगानी का मकबरा (Tomb of Tilangani) है। यह मकबरा...

“जीनत महल का रहस्यमय पैसा: ख़्वाजासरा की मदद से जवांबख्त की शादी के लिए...

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कई घंटे में लाल किले से दरियागंज पहुंची मुगल शहजादे मिर्जा जवांबख्त की बारात शाहज़ादे जवांबख्त की बरात 2 अप्रैल 1852 की एक गर्म रात...

तबायफों का अनसुना इतिहास, वीर सावरकर ने भी की थी अजीजन बाई की तारीफ

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इन्होंने धर्म और देशभक्ति का पाठ पढ़ाया। संगीत की जनक भी थी और संरक्षणकर्ता भी। सिर्फ शास्त्रीय संगीत ही क्यों जायकों से लेकर आभूषण,...

मुगल बादशाह का हाथी बच्चों संग खेलता था नक्की आवे खेल, दिलचस्प है कहानी

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चील झपट्टा, नक्की आवे गेम के दीवाने थे दिल्ली के बच्चे दिल्ली के बच्चों का पसंदीदा खेल सीरीज चील झपट्टा, किलकिल कांटा या लहरम लहरा भी...

1857 की क्रांति: कूचा चालान में बरपा कहर

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1857 की क्रांति: दिल्ली पर अंग्रेजों के कब्जे के बाद कूचा चेलान में कहर बरपा। यहां लगभग 1,400 दिल्लीवालों को मार डाला गया। यहां...

आजादी के बाद दिल्ली में कैसे मनाई जाती थी होली

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Holi 2024: आजादी के बाद दिल्ली में होली का त्योहार मनाने के रिवाज में काफी बदलाव आया है। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र...

दिल्ली के इस पार्क में हुई थी औरंगजेब की ताजपोशी

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शालीमार बाग (1653 ई.) यह बाग मौजा आजादपुर और बादली की सराय से आगे जाकर करनाल रोड पर बाएं हाथ पड़ता है। इसे शाहजहां ने...

कभी दिल्ली में प्रेमी-प्रेमिकाओं की आवाज थी पतंगे

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एक कहानी मैं कहूं, सुन ले मेरे पूत बिना परों के उड़ गया बांध गले में सूत बूझो तो जानें, किसी ने कहा और बच्चों ने...

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