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मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल): चौबुर्जी मस्जिद

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यह भी पहाड़ी पर बनी हुई है। इसका नाम इसके चारों कोनों पर के चार गुंबदों पर पड़ा मालूम होता है, जो कभी मस्जिद...

बहादुर शाह जफर के इन दो चहेतों ने कर लिया था धर्म परिवर्तन

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अंग्रेजों को दिल्ली कॉलेज में खुफिया तरीके से चलानी पडी धार्मिक कक्षाएं ब्रितानिया हुकूमत में धार्मिक प्रचार में लगे जेनिंग्स के दिमाग में यह...

मुगल काल की दिल्ली : मकबरा फहीम खां वा नीला बुर्ज (1624 ई.)

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हुमायूं के मकबरे की पूर्वी दीवार के बाहर एक टूटा-फूटा नीला गुंबद खड़ा है, जिसे हज्जाम का गुंबद भी कहते हैं। संभवतः यह खानखाना...

लाल किले के अंदर इस जगह बादशाह उड़ाते थे पतंग

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मुंशी फोया भी बड़े मशहूर पतंगबाज थे। एक ही वक़्त में पांच-पांच पतंगें अपनी पांचों उंगलियों में उनकी अलग-अलग डोर बांधकर उड़ाते थे। अक्सर...

old delhi: पुरानी दिल्ली के वैद्य-हकीम  

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पहले नहीं होते थे मेडिकल स्टोर, हकीम-वैद्य करते थे इलाज दी यंगिस्तान, नई दिल्ली। old delhi: पुरानी दिल्ली में आज की तरह मेडिकल स्टोर नहीं...

मुस्लिम शासक कैसे मनाते थे दिवाली

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मिट्टों के दियों की कतारें, सरसों के तेल से भींगी लौ। शाम होते ही जिसकी रोशनी से ना केवल घर प्रकाश से नहा उठता...

1857 की क्रांति: हिंसा से किसी का भला नहीं हो सकता

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1857 की क्रांति: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा कि एक आंख के बदले दूसरी आंख से दुनिया अंधी हो जाएगी। हिंसा कभी भी समाधान...

1857 की क्रांति: जब भूख से मेरठ के दो सिपाहियों की हो गई मौत

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1857 की क्रांति: बगावत के छह हफ्ते के बाद 28 जुलाई को किशन दयाल और कादिर बख्श, जो मेरठ के सिपाहियों के सूबेदार थे।...

1857 की क्रांति: ….और एक धमाके के साथ टूट गया कश्मीरी गेट

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1857 की क्रांति: 14 सितंबर को दोनों तरफ की सैनिक आमने सामने थे। अंग्रेजों ने दिल्ली शहर की दीवारों में सुराख कर दिया था,...

दिल्ली की दो सुखन और बेहतरीन मुकरियां, इनका जवाब पता है क्या आपको

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हमसे वाट्सएप से जुड़िए https://whatsapp.com/channel/0029VaNLx3XCRs1fvrDml50o दो-सुखने दिल्ली में पहेलियों के अलावा 'दो-सुखने' कहने का रिवाज भी था। दो सुखने, जैसा कि नाम से जाहिर है, दो बातों...

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