साहित्य अकादेमी ने आज  हिंदी, मैथिली और कोंकणी भाषाओँ में वर्ष 2022 के अनुवाद पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की है। हिंदी अनुवाद के लिए गौरीशंकर रैणा द्वारा अनूदित पुस्तक कश्मीरी की प्रतिनिधि कहानियाँ को, मैथिली के लिए रत्नेश्वर मिश्र द्वारा अनूदित अंग्रेजी उपन्यास आज़ादी को एवं कोंकणी के लिए माणिकराव राम नाइक गावणेकार द्वारा  अनूदित बंगाली पुस्तक श्रीरामकृष्ण अमृतवाणी  हेतु यह पुरस्कार घोषित  किए गए हैं। 

पुस्तकों  का चयन त्रि-सदस्यीय निर्णायक मंडल ने निर्धारित चयन-प्रक्रिया का पालन करते हुए किया है। नियमानुसार हिंदी और कोंकणी में निर्णायकों की सर्वसम्मति एवं मैथिली में बहुमत के आधार पर पुरस्कारों की घोषणा की गई है। निर्णायक मंडल के सदस्य, जिन्होंने पुरस्कार की अनुशंसा की, उनके नाम हैं- हिंदी के लिए प्रो. ए अरविंदाक्षन,श्री सुदर्शन वशिष्ठ एवं प्रो. रेखा सेठीमैथिली के लिए डॉ. सबिता झा सोनी , डॉ. मित्रनाथ झा एवं श्रीमती नीरजा रेणु और कोंकणी के लिए श्री रमेश बाबई कोमारपंत, डॉ. जी. संध्या नायक एवं  प्रो. (डॉ.) एस. एम ताडकोडकार।

पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक और पचास हज़ार रुपए की राशि पुरस्कृत अनुवादक को अगले वर्ष एक विशेष समारोह मे प्रदान की जाएगी। ज्ञात हो कि 22 दिसंबर 2022 को घोषित अनुवाद पुरस्कारों में केवल 17 भाषाओं के लिए ही पुरस्कारों की घोषणा की जा सकी थी।

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