दिल्ली
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1857 की क्रांति : बगावत से पहले विलियम हडसन को बदमाश क्यों समझा जाता...
1857 की क्रांति : 1857 से पहले विलियम हडसन को उसके ज़्यादातर साथी बदमाश समझते थे। वह एक पादरी का काबिल बेटा था और...
1857 की क्रांति: तवायफों के साथ कैसा था विद्रोहियों का बर्ताव
विलियम डेलरिंपल ने अपनी पुस्तक आखिरी मुगल में लिखा है कि 1857 में जब विद्रोही दिल्ली में प्रवेश कर गए। हर तरफ तबाही दिख...
दिल्ली का आखिरी मुशायरा
1852 में दिल्ली की शान थे मुशायरे
सन 1852 में जब गालिब और जौक के बीच बर्चस्व का जमाना था। दिल्ली के मुशायरे प्रसिद्ध...
1857 की क्रांति: कौन था वो सिपाही जो रिज पहुंच दिल्ली कब्जाने की करने...
1857 की क्रांति: दिल्ली में अब निर्णायक लडाई लडी जा रही थी। क्रांतिकारियों और अंग्रेजों के बीच तीखे हमले जारी थे। रिज पर अंग्रेजी...
दिल्ली के लोकगीतों का इतिहास
प्राचीन दिल्ली के आस-पास भी देहात थे और आज भी हैं। जहां शहर की फसील से बाहर कदम रखा, देहात का सिलसिला शुरू हो...
दिल्ली में रामलीला के मंचन का रोचक इतिहास, मुसलमान भी करते हैं अभिनय
मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने शुरू करवाया था रामलीला का मंचन
सोशल मीडिया के जमाने में रामलीला का स्वरूप जरूर बदला है लेकिन परंपरा...
औरंगजेब ने इस जगह कलम करवाया था गुरु तेग बहादुर जी का सिर बना...
पुरानी दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज का इतिहास
यह स्थान चांदनी चौक में कोतवाली के पास बना हुआ है। इसे 1675 ई. में गुरु तेगबहादुर की...
1857 की क्रांति: जंग जीतने से पहले अंग्रेजों ने दिल्ली के बंटवारे का ले...
1857 की क्रांति: 13 सितंबर इतवार के दिन यह साफ जाहिर था कि दिल्ली पर धावा होने में अब देर नहीं है। बहुत से...
दिल्ली के चवन्नी वाले, जिनके दम पर चलती थी थियेटर कंपनियां
उर्दू थियेटर को ही पारसी थियेटर भी कहा जा सकता है। इनके 'बाइस्कोप' को आर्थिक सहयोग देने में 'चवन्नी वाले' दर्शकों का ही हाथ...
वाल्मीकि मंदिर और हरिजन सेवक संघ में सहेंजी गांधी की स्मृतियां, Memories of Gandhi...
दिल्ली को गांधी ने क्यों कहा मृत शहर
बापू का चश्मा, उनकी पेन, चरखा, सूत, बाल्टी, चप्पल समेत ना जाने कितनी ऐसी यादें है जिन्हें...














