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मुगल काल में पुरानी दिल्ली की महिलाएं पहनती थी यें आभूषण, सोलह सिंगार था...

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मुगल काल में पुुरानी दिल्ली की महिलाएं एक से बढ़कर एक आभूषण पहनती थीं। नग ऐसी खूबसूरती से बिठाए हुए हैं कि डाली के...

1857 की क्रांति: क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सैनिकों के छुडाए छक्के, रिज पर वापस भेजा

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1857 की क्रांति: दूसरे दल का नेतृत्व थियो कर रहा था। जिसमें ज्यादातर गोरखा सिपाही थे। वह उन्हें पीछे की गलियों से निकालता जामा...

भारतीय तिरंगे का इतिहास  

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सन 1947 के आरंभ में ही स्पष्ट हो गया था कि भारत को अपनी रक्षा के लिए विभाजन स्वीकार करना ही होगा। अंग्रेज सरकार...

दिल्ली के इस शहर को क्यों देना पड़ा ‘बीमार शगुन’ नाम Mubarakabad city

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सुल्तान मुबारक शाह (sultan mubarak shah) ने 1421 से 1433 तक शासन किया। मुबारक शाह के पिता खिजिर खां (khijir khan) ने मृत्युशैय्या पर...

1857 की क्रांति: हिंसा से किसी का भला नहीं हो सकता

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1857 की क्रांति: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा कि एक आंख के बदले दूसरी आंख से दुनिया अंधी हो जाएगी। हिंसा कभी भी समाधान...

मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल): मस्जिद मोठ

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यह मस्जिद मुबारक शाह के मकबरे के पास मुबारकपुर से एक मील दक्षिण में स्थित है, जिसे सिकंदर लोदी ने 1488 ई. में बनवाया...

सरहदी मस्जिद का इतिहास

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मस्जिद सरहदी (1650 ई.) इस मस्जिद को शाहजहां की बेगमात में से सरहदी वेगम ने 1650 ई. में दिल्ली शहर के लाहौरी दरवाजे के सामने...

Qawwal Bacchon gharana: जब बादशाह के सामने गूंगे सावंत, बहरे बूला ने सुनाई कव्वाली

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कहानी भारत के पहले कव्वाल घराने कव्वालबच्चे की हिन्दुस्तानी संगीत में ग्वालियर घराना सबसे ज़्यादा अहम और पुराना समझा जाता है, मगर उससे पहले भी...

धूप से बचने के लिए कबूतर का बादल बना लेते थे बहादुरशाह जफर

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दी यंगिस्तान, नई दिल्ली जहांगीर के शासन काल में कबूतरबाजी को इश्कबाजी का नाम भी दे दिया गया था। शायद इसकी वजह जहांगीर का नौजवानी...

1857 की क्रांति: बगावत के तीसरे दिन कोतवाल को बुलाकर जफर ने क्या कहा

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1857 की क्रांति:  12 मई को शहर में जुलूस निकालने के बाद 13 मई को बहादुर शाह जफर ने फिर अपने शहर में हालात...

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