दिल्ली
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कभी दिल्ली में प्रेमी-प्रेमिकाओं की आवाज थी पतंगे
एक कहानी मैं कहूं, सुन ले मेरे पूत
बिना परों के उड़ गया बांध गले में सूत
बूझो तो जानें, किसी ने कहा और बच्चों ने...
कभी राजौरी गार्डन में बगीचों की जगह होते थे भट्टे, सराय हुआ करता था...
लाडो सराय (lado sarai) और राजौरी गार्डन (rajouri garden) से भला कौन दिल्लीवासी नहीं परिचित होगा। लेकिन क्या आपको इनके नाम के पीछे का...
शाहजहां काल में एक लेखक ने इस तरह ईजाद किया बिच्छू काटने की दवा
शाहजहां के समय की एक घटना मशहूर है। यह घटना दरअसल दिल्ली के एक लेखक से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि एक...
डीयू के छात्रों ने ब्रितानिया हुकूमत के छुड़ा दिए पसीने, जमकर किया विरोध DU...
-इंद्रप्रस्थ कालेज की छात्राओं ने महारानी के सामने इंकलाब जिंदाबाद का नारा किया बुलंद
ब्रितानिया हुकूमत के खिलाफ जनमानस में भड़कती आग को 1857 के...
दिल्ली के इस शहर को क्यों देना पड़ा ‘बीमार शगुन’ नाम Mubarakabad city
सुल्तान मुबारक शाह (sultan mubarak shah) ने 1421 से 1433 तक शासन किया। मुबारक शाह के पिता खिजिर खां (khijir khan) ने मृत्युशैय्या पर...
बंगाली भाषा में दिल्ली की एकमात्र लाइब्रेरी है डीसीएमएम
दिल्ली (Delhi) में वैसे तो कई पुराने पुस्तकालय हैं जहां आपको हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू भाषाओं की पुस्तकों का भंडार मिल जाएगा। लेकिन आपकी...
एनएसडी, हौजजखास, चिराग दिल्ली के 100 साल से अधिक आयु वाले 18 वृक्षों को...
दिल्ली सरकार ने एक सौ साल से अधिक आयु वाले 18 वृक्षों को दिया है हैरीटेज ट्री का दर्जा
कई बार उजड़ी और फिर बसी...
दिल्ली 6 में रोधग्राम गली के बावर्चियों की बात ही निराली है
मुगलई जायका पकाने में माहिर हैं बावर्ची
दिल्ली छह (delhi 6) की गलियों में कुछ रवायतें ऐसी हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी बदस्तूर चली आ...
हाथी, घोड़ा पालकी के अलावा इन तरीकों से यात्राएं करते थे राजा-महाराजा
सुखपाल
सुखपाल दो तरह की होती थीं। यह स्त्रियों की सम्मानित सवारी थी। यह एक लाल गुंबदनुमा डोली थी। एक लंबे-चौड़े खटोले पर एक शानदार...
कबूतर पालने का इतिहास, दिल्ली में कैसे लोकप्रिय हुआ कबूतरबाजी
एक समय संदेश भेजने के लिए सबसे विश्वसनीय समझे जाते थे कबूतर
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली
इंसान ने कबूतर को हमेशा दो मकसदों से पाला है।...














