दिल्ली
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मुगल काल की दिल्ली : मकबरा फहीम खां वा नीला बुर्ज (1624 ई.)
हुमायूं के मकबरे की पूर्वी दीवार के बाहर एक टूटा-फूटा नीला गुंबद खड़ा है, जिसे हज्जाम का गुंबद भी कहते हैं। संभवतः यह खानखाना...
ब्रितानिया हुकूमत का ‘किसान वायसराय’
इर्विन अस्पताल का शिलान्यास 1930 में लार्ड इर्विन द्वारा हुआ था, मगर यह बनना शुरू हुआ 1934 में और अप्रैल 1935 में बनकर तैयार...
1857 की क्रांति: दिल्ली के हालात देख पत्थरदिल वैगन ट्राइबर भी पिघल गया
1857 की क्रांति: अंग्रेजों ने सितंबर महीने में दिल्ली पर दोबारा कब्जा कर लिया। दिल्ली की हालत बहुत खराब थी। हर तरफ लूटमार हो...
लाल किले के अंदर इस जगह बादशाह उड़ाते थे पतंग
मुंशी फोया भी बड़े मशहूर पतंगबाज थे। एक ही वक़्त में पांच-पांच पतंगें अपनी पांचों उंगलियों में उनकी अलग-अलग डोर बांधकर उड़ाते थे। अक्सर...
1857 की क्रांति: 15 सितंबर को अंग्रेजों को लौटना पड़ा वापस
15 सितंबर के दिन दिल्ली में क्या क्या हुआ
1857 की क्रांति: 15 और 16 सितंबर 1857 को दिल्ली का भाग्य अधर में लटका...
दिल्ली में यमुना नदी से सिक्के इकट्ठा करने वालों की दिलेरी
पुराने समय में तैराकी और गोताखोरी जान जोखिम में डालने वालेे काम समझे जाते थे। मगर दिल्लीवालों के लिए यह खेल एक खास प्रकार...
1857 की क्रांति: दिल्ली में सबसे पहले इस जगह फहराया गया था यूनियन जैक
1857 की क्रांति: 14 सितंबर को दिल्ली में हर तरफ धुंध थी। चारो तरफ धुल का गुबार दिखाई दे रहा था। गोलियों की आवाज...
मुगल काल की दिल्ली : नक्कारखाना के बारे में विस्तार से पढिए
लाहौरी दरवाजे के छत्ते में से गुजरने के बाद हमको एक सजा हुआ चौक 200 फुट लंबा और 140 फुट चौड़ा मिलता है, जिसके...
आखिर क्यों चर्चित था मुगल दौर का देहली उर्दू अखबार
मुगल शासन काल में इस पत्रकार ने की निर्भीक पत्रकारिता
मौलवी मोहम्मद बाकर दिल्ली के रहने वाले थे। उन्होंने दिल्ली कॉलेज में शिक्षा पाई...
800 साल से अधिक पुराने हौज-ए-शम्सी का इतिहास
महरौली के बाहर की सरहदों पर एक तालाब है, जिसे हौज शम्सी कहते हैं। इसे 1230 ई. में सुलतान शम्सुद्दीन अल्तुतमिश ने बनवाया था।...














