दिल्ली
इस सेक्शन में पढें Delhi,new delhi,Delhi History,delhi university,jac delhi,capital of delhi,iit delhi mtech,laxhmi nagar,dhula kuan,delhi aiims,sadar bazar delhi,pincode of delhi, delhi chor bazar,delhi news, delhi news in hindi, delhi news hindi, latest delhi news, दिल्ली न्यूज़, दिल्ली समाचार, दिल्ली की खबरें,
दिल्ली में क्लबों का इतिहास, सचिन-अमिताभ भी हैं सदस्य Delhi clubs history
Delhi clubs history साल 1913 वो साल था जब राजधानी दिल्ली में क्लबों की शुरुआत हो रही थी। अंग्रेजों ने अपने निजी बैठकों के...
कुतुबमीनार के अलाई दरवाजे का रोचक इतिहास Qutub minar
कुतुब मीनार (qutub minar) में वैसे तो दिल्ली सल्तनत के समय का सबसे खूबसूरत स्मारक है लेकिन इसी प्रांगण में बने अलाई दरवाजे (alai...
दिल्ली मेट्रो के नाम हैं ऐसे-ऐसे रिकार्ड, पढ़कर आप भी हो जाएंगे हैरान Delhi...
हाइलाइट्स
2002 में आठ किलोमीटर लंबे ट्रैक से शुरू हुआ था मेट्रो का सफरलिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज है नाम-सात मंजिला मकान...
दिल्ली के मोती मस्जिद का इतिहास, History of Moti Masjid
लाल रंग के पत्थरों से निर्मित लाल किला (red fort) देशी विदेशी पर्यटकों का मन मोह लेता है। नौ साल बाद 16 अप्रैल 1648...
Delhi: ग्रेटर कैलाश और छतरपुर के नाम के पीछे का इतिहास
दिल्ली में रहने वाला शायद ही कोई व्यक्ति छतरपुर (chhatarpur) और ग्रेटर कैलाश (greater kailash) के बारे में नहीं जानता हो। लेकिन क्या आपको...
मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल) : नई इमारत बनने पर इंसान का खून...
किलोखड़ी का किला का विस्तृत इतिहास
इसे बलबन के पोते सुलतान कैकबाद ने किलोखड़ी गांव में 1286 ई. में बनवाया था। बलबन के अहद में...
Delhi: प्रत्येक शहर में सिविल लाइंस क्यों बसाती थी ब्रितानिया हुकूमत, नाम के पीछे...
चौड़ी सड़के, हरे-घने छायादार वृक्षों की झुकी शाखाएं, हवा संग बाते करती डालियां, शांत माहौल में ब्रितानिया हुकूमत के दौरान बने भवन। नक्काशी जितनी...
दिल्ली, मुजरेवालियां और बेशुमार कहानियां
'मुजरा' फारसी का शब्द है और उसका अर्थ है-सलाम और आदाब। शाही दौर में जब कोई आदमी दरबार, मजलिस और महफिल में आना चाहता...
चांदनी चौक की धर्मपुरा हवेली में एक छत के नीचे दिल्ली-6 का जायका
खूबसूरत बरामदा, लकड़ी की खूबसूरत नक्काशी, करीने से सजी कुर्सियां, पुरानी मेहराब, सजावटी गेटवे, मार्बल फ्लोर और इन सबके बीच सूरज की रोशनी से...
यह सच है, दिल्ली में 300 साल पुराने कई वृक्ष, जिनके नीचे क्रांतिकारी करते...
हाइलाइट्स
कई एतिहासिक घटनाओं के साक्षी बने वृक्षभगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद गुरूकुल इंद्रप्रस्थ स्थित पीपल के पेड़ के नीचे क्रांतिकारियोंं से मिलते थे-चांदनी चौक में...














