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क्यों अधूरा रह गया दिल्ली के जंतर मंतर का निर्माण  

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इसको अंबर के राजा जयसिंह ने 1724 ई. में बनवाया था। यह नई दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट पर कनाट प्लेस से नजदीक ही स्थित...

सबसे पहले चांदनी चौक में खुला था सेंट स्टीफेंस अस्पताल

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सेंट स्टीफेंस अस्पताल का इतिहास सेंट स्टीफेंस अस्पताल (1884 ई.) : इस अस्पताल को चांदनी चौक में, जहां अब सेंट्रल बैंक है, श्रीमती विंटर की...

दिल्ली में थियेटर कंपनियों का इतिहास

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उन्नीसवीं सदी के अंत में और बीसवीं सदी के प्रारंभ में भी कई पक्के थियेटर बने। इन थियेटरों में रामा थियेटर (जो बाद में...

जब नवाब आसफुद्दौला से नाराज होकर चला गया दिल्ली बावर्ची, नवाब को हुआ पछतावा

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पुराने दौर की कई कहानियां रोमांचित करने वाली होती है। इन कहानियों से हमें यह भी पता चलता है कि क्वालिटी की कद्र होती...

मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल): अशोक की दूसरी लाट को स्थापित करने में...

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यह महल फीरोज शाह तुगलक ने 1354 ई. में मौजूदा दिल्ली के उत्तर-पश्चिम में पहाड़ी पर फीरोज शाह शहर के बाहर बनवाया था। यह...

गुरुद्वारा दमदमा साहब का इतिहास

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यह स्थान गुरु गोविंद सिंह जी की यादगार है। यह हुमायूं के मकबरे की ऐन पुश्त पर मकबरे से मिला हुआ है। इमारत छोटी-सी...

मुगल काल की दिल्ली : दरगाह ख्वाजा बाकी बिल्लाह (1603 ई.)

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बाकी बिल्लाह काबुल के रहने वाले थे। यह अकबर बादशाह के अहद में दिल्ली आए और 1603 ई. में इनकी मृत्यु हुई। इनको दिल्ली...

बहादुर शाह जफर को पीर क्यों मानती थी प्रजा

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बहादुर शाह जफर को दिल्ली के बहुत लोग सूफी पीर मानते थे। उनके कई शागिर्द और मुरीद थे। देहली उर्दू अखबार ने तो यह...

जब दिल्ली के अखाड़े में महात्मा गांधी ने पहलवान को दे डाली चुनौती

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का दिल्ली से दिली जुड़ाव रहा। एक बार गांधी जी को दंगल में बुलाया गया। आयोेजकों के आमंत्रण को गांधीजी ने...

दिल्ली की शादियों में आज भी गाए जाते हैं ये लोकगीत (पार्ट-़1)

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दिल्ली में शादी-ब्याह के अवसर पर सुहाग-घोड़ी गाने का रिवाज बहुत पुराना है। इन गीतों को शादियाने भी कहा जाता है। निम्न कुछ सुहाग,...

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