दिल्ली
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1857 की क्रांति: बगावत से पहले दिल्ली में हर घर क्यों भेजी जा रही...
1857 की क्रांति: बगावत से पहले दिल्ली में कई अजीबो गरीब घटनाएं हुई। पहले एक विज्ञापन दीवार पर लगाया गया, जिसमें दावा किया गया...
पिछले 80 सालों से स्वाद के शौकीनों का ठौर फतेह चंद कचौड़ी वाले, Fateh...
-तीसरी पीढ़ी चला रही दुकान, बेमिसाल स्वाद अब भी बरकरार
दिल्ली..जायकों का शहर है। हर गली-नुक्कड़ पर जायके की विविधता इसे बाकि शहरों से अलग...
मुगल काल की दिल्ली : दीवाने खास
जिस सहन में लाल पर्दे में से होकर जाते थे, वह दीवाने आम के सहन का चौथाई था। दूसरा सहन लंबाई-चौड़ाई में 210 फुट...
मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल): गयासुद्दीन तुगलक शाह का मकबरा
गयासुद्दीन तुगलक शाह अपने एक लड़के और चंद साथियों के साथ 1325 ई. में मकान के नीचे दबकर मर गया। उसके शव को रातोंरात...
कोटला मुबारकपुर का दिलचस्प इतिहास
दिल्ली...शहर के चप्पे चप्पे पर इतिहास की कहानियां भरी पड़ी है। गली, कूचे इतिहास की खट्टी मीठी कहानियां है। जिन्हें सुनकर कभी हैरत तो...
मुगल काल की दिल्ली : खिजरी दरवाजा
मुसम्मन बुर्ज के नीचे चंद सीढ़ियां उतरकर दरिया के किनारे पहुंच जाते हैं। यह वही दरवाजा है, जिसको कप्तान डगलस 11 मई 1857 को...
लाल किले को टक्कर देने के लिए अंग्रेज रेजिडेंट थॉमस मेटकाफ ने दिल्ली में...
ब्रितानिया गर्वनर थॉमस मेटकाफ अक्सर खत लिखा करता था। अपने परिजनों को लिखे जाने वाले खतों में अपना जिक्र एक अंग्रेज मुफस्सिल साहब की...
1857 की क्रांति :वह अधिकारी जिसे भगवान मानते थे लोग
ब्रिटिश अधिकारी जॉन निकल्सन निकल्सन को आदेश न मानने की आदत थी। उसका एक अफसर उसके बारे में लिखता है:
"उनकी शख्सियत बहुत रोबदार थी।...
कभी सिर पर बर्तन रख गलियों में बेचते थे चाट, आज दिल्ली की शान...
Bhola shankar kachori wale शाहदरा की भीड़ भरी गली। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ कपड़ों, जनरल स्टोर की दुकानें। वाहनों की लंबी कतारों के...
मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल): भूली भटियारी महल
यह करोलबाग जाते हुए बाएं हाथ पहाड़ी पर पड़ता है। इसमें बूअली खो भट्टी रहते थे, जिन्हें लोग भूली भटियारी कहने लगे थे इमारत...














