दिल्ली
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सफदरजंग का मकबरा (1753 ई.)
अबुल मंसूर खां, जिसको सफदरजंग के लकब से पुकारा जाता था, अवध के वायसराय सआदत अली खां का भतीजा और जानशीन था। पैदाइश से...
1857 की क्रांति: लाल किले में कब्जे के बाद अंग्रेजों ने इस तरह की...
1857 की क्रांति: जनरल विल्सन और उसका हेडक्वार्टर सेंट जेम्स चर्च को छोड़कर किले के दीवाने-खास में रहने आ गए। जहां उनके सामने हैम...
The secret of Delhi havelis दिल्ली की हवेलियों पर बुजुर्ग खूब गाते थे बच्चों...
The secret of Delhi havelis हवेली की जिन्दगी का एक सुखद पहलू यह था कि बुजुर्ग हर सुबह घर के छोटे बच्चों के साथ...
क्या थी दिल्ली की रवादारी? जिसने हिंदू-मुसलमान के बीच दूरियां घटा दी
रवादारी या उदारता दिल्ली की सभ्यता का एक विशेष लक्षण रहा है। इसका संबंध जन साधारण और विशिष्टजन दोनों से था। शासकों ने भी...
साहित्य से हिली ब्रतानिया हुकूमत की सत्ता
शब्दों की माला से गूंथा साहित्य। जिसने कभी रुलाया, तो कभी हंसाया। हाथ पकड़ जिसने चलना सिखाया। अन्याय, अत्याचार के विरूद्ध जो दृढ़ता के...
1857 की क्रांति: एक पखवाड़े बाद दिल्ली पहुंची जफर के निधन की खबर
1857 की क्रांति: बहादुर शाह जफर की मौत 7 नवंबर 1862 को सुबह पांच बजे हुई। जनाजे के वक्त बहुत कम लोग आए। जफर...
(पार्ट-2) फूलवालों की सैर का दिलचस्प इतिहास
बादशाह बेगम ने बड़ी धूमधाम से चादर चढ़ाई और इस मौके पर शहर भर के हिन्दू-मुसलमान सभी शरीक हुए। कई दिन तक मेला भरा...
1857 की क्रांति: गालिब ने लिखा, कैसी थी बादशाह के रंगून जाने के बाद...
1857 की क्रांति: बहादुर शाह जफर को निर्वासन में रंगून जाना पड़ा। इस दौरान दिल्ली का क्या हाल था, इसे मिर्जा गालिब ने बखूबी...
मुगल काल की दिल्ली : बारह पुला का इतिहास (1612 ई.)
यह पुल हुमायूं के मकबरे से करीब ही दक्षिण द्वार के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। इसे जहांगीर के एक दरबारी मेहरबान आगा ने बनवाया...
1857 की क्रांति: तवायफों के साथ कैसा था विद्रोहियों का बर्ताव
विलियम डेलरिंपल ने अपनी पुस्तक आखिरी मुगल में लिखा है कि 1857 में जब विद्रोही दिल्ली में प्रवेश कर गए। हर तरफ तबाही दिख...













