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शाहजहांबाद (पुरानी दिल्ली) का इतिहास विस्तार से जानिए

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मुस्लिम शासकों की बारहवीं दिल्ली (मौजूदा दिल्ली शाहजहांबाद) लाल किले की तामीर के दस बरस बाद 1648 ई. में शाहजहांबाद शहर की बुनियाद पड़ी, जो...

नौकरी के लिए दिल्ली में खाए धक्के, अब 45 तरह के समोसे बनाकर...

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कृष्णा नगर मेट्रो से चंद कदम की दूरी पर स्थित अमन केटर्स (Aman Caterers) 45 तरह के समोसे के चलते स्वाद के शौकीनों का...

मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल) : कस्रे सफेद महल

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कुतुबुद्​दीन ऐबन ने रायपिथौरा में बनाया था कस्रे सफेद महल 1205 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने रायपिथौरा के किले में एक महल बनवाया था, जिसका...

1857 की क्रांति: दिन निकलने से पहले ही गोलियों की बौछार से मानों उजाला...

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1857 की क्रांति: आखिरकार सितंबर 1857 में अंग्रेजों ने दिल्ली पर धावा बोल दिया। लडाई से ठीक पहले के हालात को एडवर्ड कैंपबेल के...

एक बहरुपिए ने मुहम्मदशाह रंगीले को दी थी दिल्ली पर नादिरशाह के हमले की...

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उस दौर में नौटंकी के साथ स्वांग भी हर खास आम आदमी के लिए मनोरंजन का एक बड़ा साधन था। स्वांगी तरह-तरह के स्वांग...

उधर लंदन की मल्लिका तख्त पर बैठी, इधर भारत में बहादुर शाह जफर

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बहादुर शाह जफर की जिंदगी से जुडे रोचक किस्से   बहादुर शाह मुगल खानदान के आखिरी बादशाह थे। इन्हीं के जमाने में 1857 ई. का...
mughal holi

Mughal Holi: मुगल दरबार से लाल किले की प्राचीर तक, आखिर क्यों औरंगजेब भी...

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सल्तनत काल में जायसी के खेतों में उड़ता था गुलाल दी यंगिस्तान, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि जिस होली को आज हम...

दिल्ली के मुगलिया शासन पर इस शख्स ने कही थी बडी बात

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विलियम डेलरिंपल अपनी किताब द लास्ट मुगल में लिखते हैं कि पादरी मिजेली जॉन जेनिंग्स दिल्ली के ईसाइयों का पादरी था और कभी अपनी...

1857 की क्रांति: बगावत के दौरान बादशाह को लिखी गई कैसी-कैसी चिट्ठियां

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पहाड़गंज-निजामुद्दीन के लोगों ने बादशाह से क्यों मांगी सुरक्षा बगावत से दिल्ली का माहौल बहुत बिगड गया। अगर उस वक्त बादशाह दरबार में आए हुए...

1857 की क्रांति: दुश्मन जितना नजदीक होगा, उतनी जल्दी इंतकाम लेंगे

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1857 की क्रांति: अंग्रेज चार टुकडियों में शहर में दाखिल हुए। तीसरी टुकड़ी के सिपाही कुदसिया बाग में गोलियों की बौछार से बचे हुए...

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