दिल्ली
इस सेक्शन में पढें Delhi,new delhi,Delhi History,delhi university,jac delhi,capital of delhi,iit delhi mtech,laxhmi nagar,dhula kuan,delhi aiims,sadar bazar delhi,pincode of delhi, delhi chor bazar,delhi news, delhi news in hindi, delhi news hindi, latest delhi news, दिल्ली न्यूज़, दिल्ली समाचार, दिल्ली की खबरें,
मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल) : पहली महिला शासक रजिया बेगम, इश्क के...
शम्मसुद्दीन अल्तमश ने तीन लड़के और एक लड़की छोड़ी लड़की का नाम रजिया था। तख्त पर बैठा बड़ा लड़का रुकनुद्दीन। मगर यह अय्याश निकला।...
1857 की क्रांति: सफेद संगमरमर के शाही निवासों को क्यों निशाना बना रही थी...
1857 की क्रांति: दिल्ली की गोलाबारी 10 जून को शुरू हुई। शुरू-शुरू में बहुत मामूली सा नुकसान हुआ था। उस वक़्त अंग्रेजों के पास...
1857 की क्रांति: क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सैनिकों को रोकने के लिए उठाया यह कदम
1857 की क्रांति: अंग्रेजों ने शहर में दाखिल होने की पूरी तैयारी कर ली थी। 14 सितंबर को क्रांतिकारियों ने भी अंग्रेजों को रोकने...
किनारी बाजार में बैठते थे पगड़ी बांधने वाले, जानिए सर्दियों में पुरानी दिल्ली का...
पुराने जमाने में दिल्ली (Delhi) की सफेदपोशी (सफेद ड्रेस) मशहूर थी। मर्द घरों में तो नंगे बदन बनियान, धोती, तहमद या कुरता-पाजामा पहनते थे...
मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल) : बलबन के मकबरे का इतिहास
यह कुतब मीनार से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। यह अल्मतश के मकबरे और अलाई दरवाजे के समान ही चौकोर था, मगर इन...
दिल्ली का प्रसिद्ध मोती भांड, जिसकी प्रस्तुति देख भावुक हो गए नवाब
दिल्ली के एक बिगड़े दिल रईस ने, जिसे लोग उसकी फिजूलखर्ची के कारण "नवाब साहब' कहा करते थे, एक महफिल का आयोजन किया। उनके...
1857 की क्रांति: तवायफों के साथ कैसा था विद्रोहियों का बर्ताव
विलियम डेलरिंपल ने अपनी पुस्तक आखिरी मुगल में लिखा है कि 1857 में जब विद्रोही दिल्ली में प्रवेश कर गए। हर तरफ तबाही दिख...
इस गाने वाली से बहादुर शाह जफर ने की थी शादी
जफर की आखरी शादियों में से एक भी एक गाने वाली से हुई थी जिसका नाम मान बाई था जिसे बाद में अख्तर महल...
तीन सौ साल पहले दिल्ली में इस तरह होती थी रामलीला, उर्दू में रामायण...
दिल्ली में हर युग में रामलीला बड़ी धूमधाम से मनाई जाती रही है। प्राचीन दिल्ली में भी रामलीला बड़े उत्साह से मनाई जाती थी...
हाथी, घोड़ा पालकी के अलावा इन तरीकों से यात्राएं करते थे राजा-महाराजा
सुखपाल
सुखपाल दो तरह की होती थीं। यह स्त्रियों की सम्मानित सवारी थी। यह एक लाल गुंबदनुमा डोली थी। एक लंबे-चौड़े खटोले पर एक शानदार...














