दिल्ली
इस सेक्शन में पढें Delhi,new delhi,Delhi History,delhi university,jac delhi,capital of delhi,iit delhi mtech,laxhmi nagar,dhula kuan,delhi aiims,sadar bazar delhi,pincode of delhi, delhi chor bazar,delhi news, delhi news in hindi, delhi news hindi, latest delhi news, दिल्ली न्यूज़, दिल्ली समाचार, दिल्ली की खबरें,
महाभारत काल से जुड़ा है दिल्ली का टेसू लोकगीत
मेरा टेसू यहीं अड़ा
खाने को मांगे दही बड़ा
दशहरे के आसपास लड़कों की टोलियां गली-मुहल्लों में हाथ में टेसू लिए घूमती फिरती थीं। एक किंवदंती...
Delhi: आजादी के बाद दिल्ली का खौफनाक मंजर
आजादी के दौरान दिल्ली ने झेला दंगों का दर्द
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली।
Delhi: 1947 में भारत आजाद हो गया। आजादी की कीमत दिल्ली समेत देश...
मुस्लिम काल की दिल्ली (पठान काल) : बलबन के मकबरे का इतिहास
यह कुतब मीनार से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। यह अल्मतश के मकबरे और अलाई दरवाजे के समान ही चौकोर था, मगर इन...
बुढापे में बहादुर शाह जफर कैसे निपटाते थे रानियों और रखैलों का झगड़ा
लाल किले की डायरी में दर्ज है कई रहस्योद्घाटन
बुढ़ापे में बहादुर शाह जफर Bahadur shah Zafar के सामने एक बड़ी चुनौती अपनी विभिन्न...
दिल्ली-6 में कटरा के नाम के पीछे का इतिहास, History behind the name of...
-पुरानी दिल्ली Old Delhi आज भी मौजूद है कटरा
आड़ी तिरछी गलियां, पीले प्रकाश से रोशन, गलियों के दोनों तरफ खुली दुकानें जो रोशन है...
धूप से बचने के लिए कबूतर का बादल बना लेते थे बहादुरशाह जफर
दी यंगिस्तान, नई दिल्ली
जहांगीर के शासन काल में कबूतरबाजी को इश्कबाजी का नाम भी दे दिया गया था। शायद इसकी वजह जहांगीर का नौजवानी...
शेख कलीमुल्लाह शाह का मजार (1729 ई.)
यह मजार जामा मस्जिद और किले के बीच है। मोलाना आजाद की कब्र में एक सब्ज चोटी कटघरा नजर आता है। कब्र दोहरे चबूतरे...
इस मुगल शासक के शासन में दिल्ली पर ब्रितानिया हुकूमत हुई सत्ता पर काबिज
नजफ खां का मकबरा (1781 ई.)
नादिर शाह के हमले के बाद (1739 ई.) मुगलिया खानदान की बुनियाद ऐसी हिल गई कि कोई इंसानी ताकत...
दिल्ली में इस जगह है औरंगजेब के बडे बेटे की कब्र
शाह आलम बहादुर शाह की कब्र (1712 ई.)
महरौली में कुतुब साहब की दरगाह में मोती मस्जिद के साथ शाह आलम की कब्र है, जिसकी...
1857 की क्रांति : दिल्ली की हालत देखकर मिर्जा गालिब ने क्या कहा था...
1857 की क्रांति : 1857 की बगावत का समर्थन स्पष्ट रूप से लोगों के वर्गों पर निर्भर था। 11 मई की सुबह से लगातार...














